बीएसए कार्यालय परिसर में बृहस्पतिवार को हुई कार्यशाला में वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की जरुरतों पर चर्चा की गई। कहा गया कि तीन सौ की आबादी वाली असेवित बस्तियों की सूची तैयार की जाए। यदि वहां एक किलोमीटर की परिधि में कोई प्राथमिक विद्यालय नही हैं, तो वहां प्राथमिक विद्यालय खोले जाएंगें। आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। अगले साल कितने बच्चों को यूनीफार्म और पाठ्य पुस्तकों की जरुरत होगी और किन विद्यालयों में बाउंड्री, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, किचन शेड की जरुरत है, उनका भी उल्लेख किया जाए। मानक पूरे करने वाले जूनियर हाईस्कूल भी चिन्हित किए जाएं, इन विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यशाला में बीएसए अंबरीष कुमार यादव ने संकुल प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान बच्चों से गिनती, पहाड़ा पढ़वाने के साथ कम से कम एक घंटा स्कूल की कक्षा में अवश्य दें। सभी शिक्षकों को कक्षा एक से अंग्रेजी पढ़ाने को निर्देशित करें। कहा कि जिन खंड शिक्षा अधिकारियों व सह समन्वयकों ने स्कूल गोद लिए हैं वह स्कूलों में जाकर अवश्य कक्षाएं लें। उन्होंने कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता बनाए रखने को सरकार ने संसाधन तो बढ़ाए हैं, लेकिन गुणवत्ता संसाधनों के मुताबिक नहीं बढ़ी है। शिक्षक समाज में अपनी पहचान बनाएं। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनरायन, डीएल राना, पीएस राना, उमेश गौतम, जिला समन्वयक मनीष श्रीवास्तव, पंकज शाक्य, नवल कपूर आदि मौजूद रहे। संचालन सर्व शिक्षा अभियान के समन्वयक राकेश पटेल ने किया। कार्यशाला में जिले भर के संकुल प्रभारी व सह समन्वयक मौजूद रहे।