पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज के आईसीयू के चिकित्सकों ने महज 2.5 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली महिला की विषम परिस्थितियों में जान बचा ली। गंभीर रक्ताल्पता से पीड़ित महिला को अत्यधिक कमजोरी व सांस फूलने की हालत में अस्पताल लाया गया था। जांच में उसका हीमोग्लोबिन स्तर बेहद खतरनाक स्थिति में पाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक गर्भावस्था के दौरान हुए रक्तस्राव और समय पर सही इलाज न मिलने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। मरीज को तत्काल आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में चरणबद्ध तरीके से रक्त चढ़ाया गया। डॉ. अरविंद एम व उनकी टीम ने संतुलित उपचार व लगातार मॉनिटरिंग के जरिये महिला की स्थिति में सुधार किया। संवाद