धरने पर बैठे सांधु संतो से वार्ता करते तहसीलदार । स्रोत - ग्रामीण
बिलसंडा। तालाब का पट्टा निरस्त करने की मांग को लेकर छठे दिन भी साधु-संतों का धरना जारी रहा। मंगलवार को तहसीलदार ने धरनास्थल पर पहुंचकर वार्ता की। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि साधु-संत पहले आंदोलन खत्म कर दें, इसके बाद पट्टा निरस्त करा दिया जाएगा। इसे संतों ने ठुकरा दिया।
गांव दियूरिया खुर्द में तालाब का पट्टा निरस्त करने के लिए मंगलवार को भी साधु-संतों का धरना जारी रहा। धरना समाप्त कराने के लिए विधायक विवेक वर्मा, एसडीएम सचिन राजपूत के बाद मंगलवार को तहसीलदार कर्म सिंह पहुंचे, लेकिन संत अपनी मांग पर अडिग रहे। उनका कहना है कि तालाब में मछली पालन और बिक्री बंद कराई जाए। पट्टा निरस्त कर तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाए। इसके बाद ही धरना समाप्त होगा। तहसीलदार से वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। पट्टा निरस्त न होने पर पांच अक्तूबर को संत हनुमान दास समाधि लेने के अपने फैसले पर अडिग हैं।