पीलीभीत। बाढ़ से जिले के विभिन्न इलाकों में क्षतिग्रस्त हुई 73 सड़कों की मरम्मत के लिए विभागीय प्रयास शुरू हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों की क्षति का सर्वे करने के बाद प्रस्ताव बनाया गया है। जिसमें करीब चार करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। डीएम की मंजूरी के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। अभी फौरी तौर पर कार्य कराकर आवागमन को शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जिले के अलावा पहाड़ों पर लगातार हुई बारिश के बाद जिले की नदियां भी उफना गईं थीं। जिसके बाद अधिकांश इलाकों में बाढ़ के हालत बन गए। पूरनपुर, कलीनगर और बीसलपुर क्षेत्र में हालत अधिक बिगड़े थे। आबादी क्षेत्र के साथ ग्रामीण इलाकों में भी सड़कें खराब हुईं थीं।
पानी के तेज बहाव के कारण कई सड़कें कट भी गईं थी। जिससे यातायात ठप हो गया था। लोग परेशानी के बीच अधिक समय और लंबी दूरी तय करने पर मजबूर थे। हालांकि पानी कम होने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से अस्थायी कार्य शुरू कराकर आवागमन सुचारू करने के प्रयास किए गए।
इधर सड़कों की स्थायी मरम्मत के लिए विभाग की ओर से सड़कों को चिह्नित करने के साथ क्षति का सर्वे किया गया। इस दौरान बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुईं 72 सड़कों को सूचीबद्ध किया गया। मरम्मत के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया। जिसमें करीब चार करोड़ का खर्च माना जा रहा है। प्रस्ताव को डीएम की मंजूरी के बाद शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है।
23 सड़कों की कराई अस्थायी मरम्मत
बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुईं जिले की 72 में से करीब 23 सड़कों की अस्थायी मरम्मत करा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कट्टों में मिट्टी डालने के साथ ही पटान कराकर मार्ग को सुचारू कराया गया है।
तीन प्रमुख सड़कें हुईं अधिक क्षतिग्रस्त
बाढ़ की चपेट में आकर जिले की तीन प्रमुख सड़कों को अधिक नुकसान पहुंचा। इसमें माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग तीन स्थानों पर काफी कट गया और कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा कलीनगर-पूरनपुर और पीलीभीत से मझोला रिछा मार्ग को भी अधिक नुकसान पहुंचा। इन सड़कों पर फिलहाल अस्थायी कार्य कराया जा रहा है।
बाढ़ की चपेट में आने से जिले की 72 सड़के क्षतिग्रस्त हुईं। कुछ प्रमुख मार्गों को अधिक नुकसान पहुंचा। सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसे डीएम की मंजूरी के बाद शासन को भेजा जाएगा। करीब चार करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है।
- राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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माधोटांडा मार्ग की मरम्मत का कार्य सुस्त, ग्रामीणों का प्रदर्शन
कलीनगर। बाढ़ की चपेट में आकर तीन स्थानों पर कटे माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर यातायात सुचारू न होने से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि दो स्थानों पर मिट्टी डलवाकर यातायात सुचारू कर दिया गया है, लेकिन एक स्थान पर अब तक कार्य शुरू न होने से यातायात ठप है।
लोगों को गांवों के रास्तों से होकर गुजरकर जाना पड़ रहा है। विभागीय अफसर कार्य कराने के लिए आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन अमल नहीं किया जा रहा। प्रदर्शन करने वालों में किसान नेता गुरदीप सिंह गोगी, रोहित, संजय, विमल कुमार आदि शामिल रहे। संवाद
माधोटांडा मार्ग पर दयालपुर के पास कटा पड़ा मार्ग। संवाद