बीसलपुर। चुर्रासकतपुर साधन सहकारी समिति का करीब 15 लाख का ऋण 30 साल से मृतक किसानों के नाम दर्ज है। समिति को इसकी अदायगी की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। किसानों के परिजन अदा करना तो दूर कर्जा होना भी स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
चुर्रासकतपुर साधन सहकारी समिति के अभिलेखों के अनुसार समिति क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 200 किसानों के नाम करीब 15 लाख रुपये का समिति का ऋण है। यह कर्जा वर्ष 1990 से पहले का है। समिति कर्मचारी मृतकों के घर जाकर परिजनों से कई बार कर्जा अदा करने को कह चुके हैं, लेकिन वे कर्जा होना ही स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
इन परिवारों का कहना है कि वर्ष 1990 से पहले तैनात रहे समिति कर्मचारियों ने ही उनके परिवार के सदस्यों के नाम से कर्जा खुद निकाला है। समिति कर्मचारियों ने इस बीच विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार मामले की जानकारी देकर इस समस्या का समाधान कराने की मांग की लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों को हर साल इन बकायदारों का ब्योरा तैयार करना पड़ता है।
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इन गांवों के मृतकों के नाम है कर्जा
चुर्रासकतपुर, महादेवा, रिछोला सबल, रिछुलिया, मीरपुर वाहनपुर, मुसेली, राजूपुर कुंडरी, भौरुआ, नवदिया भगत, सायर, चुर्रागौटिया, अभयपुर।
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वर्जन
वर्ष 2014 में समिति के सचिव पद का कार्यभार संभालने के बाद से ही मृतकों के घर जाकर उनके परिजनों से कर्जा जमा करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन वे कर्जा होने की बात ही स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। - अरविंद कुमार मिश्रा, सचिव चुर्रासकतपुर साधन सहकारी समिति