एआरएम के खिलाफ लामबंद हुई रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद
एआरएम द्वारा द्विपक्षीय वार्ता न करने, लंबित समस्याओं का निस्तारण न करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडलीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में रोडवेजकर्मियों ने एआरएम का घेराव किया। दोपहर बाद हुई वार्ता में मांगें माने जाने के बाद मामला शांत हुआ। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत जिले के अलावा बरेली व बदायूं के पदाधिकारी मंगलवार को रोडवेज डिपो पर एकत्र हुए। यहां कर्मियों ने एआरएम पर परिषद सदस्यों से द्विपक्षीय वार्ता न करने, लंबित समस्याओं का निराकरण न करने व कर्मचारियों से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उनका घेराव किया। परिषद के नेताओं का कहना था कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर कई बार मौखिक व लिखित अनुरोध किए जाने के बाद भी द्विपक्षीय वार्ता नहीं की गई। कर्मचारियों को निलंबित करने की धमकी दी जा रही है। यातायात निरीक्षक के पद पर तैनात कर्मचारी से परिचालन का कार्य जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर एआरएम जुनैद शम्सी ने उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद ही द्विपक्षीय वार्ता करने की बात कही। करीब एक घंटे बाद पदाधिकारियों व एआरएम के बीच लंबित समस्याओं को लेकर वार्ता हुई। इसमें एआरएम ने स्थानीय स्तर की समस्याओं का निस्तारण का आश्वसन दिया। एमआरएम ने बताया कि लंबे रूट के चालकों का नियमानुसार आवंटन किया जाएगा। जर्जर वर्कशाप को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर बरेली मंडल के क्षेत्रीय अध्यक्ष एके अरोरा, क्षेत्रीय मंत्री रविंद्र कुमार, प्रांतीय सदस्य सुशील मिश्रा, शाखा अध्यक्ष बरेली जीवन सिंह यादव, मंत्री रामप्रताप राव, मुर्सरत खां, भूदेव शर्मा, शाखा अध्यक्ष बदायूं चंदालाल, मोहम्मद इस्माईल, राजेश कुमार, शाखा अध्यक्ष विपिन मिश्रा, मंत्री ढाकन लाल, संगठन मंत्री जसवीर सिंह, गंगाप्रसाद, शाखा अध्यक्ष क्षेत्रीय कार्यशला बरेली दशरथ सिंह, नंदकिशोर, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर सक्सेना आदि शामिल रहे।
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