गौरी शंकर मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए कछला घाट से जल भर कर असम हाइवे से गुजरता गांव नवादा श्याम?
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पीलीभीत। सावन के दूसरे सोमवार को लेकर रविवार को दिनभर शिवालयों में तैयारियां चलती रही। मंदिर के द्वार भी सजाए गए हैं। वहीं कछला घाट से जल लेकर पहुंचे कांवड़िया मंडी समिति में ठहरे है। जो सुबह गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
सावन माह भगवान शिव की आराधना का महीना कहा जाता है। मान्यता है कि इस महीने में खासकर सोमवार के दिन व्रत उपवास, पूजा पाठ व रुद्राभिषेक आदि किए जाते हैं। इस माह में भोले नाथ को बेलपत्र, भांग व दूध आदि चढ़ाने से मनवांक्षित फल की प्राप्ति होती है। रविवार को शहर के शिवालयों में सुबह से लेकर शाम तक तैयारियां चलती रहीं। उम्मीद की जा रही है कि शिवालयों में इस बार शिवभक्तों का खासा तांता लगेगा। मंडी समिति में रविवार को बढ़ी संख्या में कांवड़िया पहुंचे। जो सुबह जलाभिषेक करेंगे।
कछला के लिए रवाना हुआ जत्था
बरखेड़ा। कावड़ यात्रा के लिए जत्था जनता इंटर कालेज के शिव मंदिर से हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ कछला को रवाना हुआ है। जत्थे को एसओ उदयवीर सिंह ने पुलिस टीम के साथ पहुंचकर जिले की सीमा तक रवाना किया। जत्थे में कमेटी के प्रिंस भारद्वाज, मनोज सक्सेना, संतोष भारती, सचिन कश्यप, प्रेमपाल भारती आदि शामिल रहे।
इधर, गायत्री प्रज्ञा संस्थान बरखेड़ा के द्वारा वृक्ष गंगा अभियान तरु पुत्र तरुमित्र महायज्ञ के तहत वृक्ष कांवड़ यात्रा निकाली गई। जगदीश शरण मौर्य ने विधि-विधान से वृक्षों का पूजन करवाया। ब्लॉक प्रभारी दीनानाथ कश्यप और जिला समन्वयक लालाराम मौर्य ने झंडी दिखाकर कांवड़ यात्रा को रवाना किया। यात्रा स्टेशन रोड से होते हुए मुख्य मार्ग पुराना बाजार समेत अन्य सड़कों पर भ्रमण किया। संवाद