तराई क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों पूर्व लकड़ी के बिना परमिट कटान की सूचना पर सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार ने सख्ती की थी। इसके बाद कुछ दिनों तक कटान बंद रहा लेकिन अब पुन: कटान शुरू हो गया है। सेल्हा, रमनगरा, मटैयालाल व गभिया क्षेत्र में आम, शीशम, जमुना, अर्जुन, सिरस, पापुलर सहित कई प्रजातियों के पेड़ बिना परमिट व रवन्ना के काटे जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन दो-तीन ट्रालियां तराई से लकड़ी लेकर टाइगर रिजर्व के जंगलों के रास्ते से लेहारी पुल होते हुए पूरनपुर तक पहुंचती हैं। हैरानी की बात यह है कि लेहारीपुल पर टाइगर रिजर्व का स्टाफ और जंगल के बार्डर पर पुलिस की पिकेट भी इन्हें रोकती। इस बावत जानकारी करने पर सामाजिक वानिकी के एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि राजनैतिक दबाव में कटान हो रहा है। सभी को इसकी जानकारी है। प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार ने बताया कटान की जानकारी नहीं है। वह इसकी जांच कराएंगे और यदि कटान पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।