लंबे समय से लंबित आईटी एक्ट के मुकदमों की विवेचना क्राइम ब्रांच से हटाकर थाना पुलिस को भेज दी गई है। लंबित मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए एसपी देवरंजन वर्मा ने कदम उठाया है। ऑनलाइन ठगी से लेकर सोशल साइट्स के जरिए घटित किए जा रहे अपराधों की शिकायत मिलने पर दर्ज किए गए मुकदमों की विवेचना पिछले समय से क्राइम ब्रांच कर रही थी। इसकी प्रगति को लेकर एसपी ने जानकारी जुटाई। इसमें 50 से अधिक मामलों में एक साल बाद भी कोई प्रगति न होने की बात सामने आई। इसके अलावा क्राइम ब्रांच की लापरवाही भी उजागर हुई। इस पर नाराजगी जताने के साथ ही लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए एसपी ने विवेचना की जिम्मेदारी थाना पुलिस को सौंपी है। ऐसे मुकदमों को चिह्नित कर थानावार बांटकर थानाध्यक्षों को विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। इसकी प्रगति को लेकर जानकारी भी समय-समय पर खुद एसपी करेंगे। एसपी के उठाए गए इस कदम के बाद आईटी एक्ट के पीड़ितों को लंबे समय बाद न्याय की आस जागी है। सीओ क्राइम अनुराग दर्शन ने बताया कि लंबे समय बाद भी प्रगति न होने पर आईटी एक्ट के मुकदमों को निस्तारण के लिए थाना पुलिस को सौंपा गया है। एसपी के आदेशानुसार कार्रवाई कराई जा रही है।