पीलीभीत। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शोध निदेशालय की ओर से शोधार्थियों के लिए समय वृद्धि से संबंधित पत्र जारी किया गया है। अब शोध करने के लिए अधिक समय लेने वाले शोधार्थियों को निदेशालय में प्रार्थनापत्र देना होगा।
शोध निदेशक प्रो. सुधीर कुमार के अनुसार शोध अध्यादेश 2017 के तहत प्रवेशित सभी शोधार्थी, जो अब तक अपना शोध कार्य पूरा नहीं कर सके हैं और वे समय वृद्धि के लिए आवेदन करना चाहते हैं, आवेदन कर सकते हैं।
विशेष परिस्थिति में पर्यवेक्षक, विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष की सामूहिक संस्तुति पर अधिकतम आठ वर्षों की अवधि में शोध-प्रबंध जमा करने की अनुमति कुलपति की ओर से दी जाएगी। संवाद