मझोला (पीलीभीत)। सरकार भले ही लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाने के लिए तमाम प्रयास कर रही हो, लेकिन निचले स्तर पर कोटेदार खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अमरिया के बाद अब न्यूरिया के महचंदी गांव के कोटेदार का खेल निरीक्षण में पकड़ा गया। कोटेदार ने भाई संग मिलकर सरकारी राशन की कालाबाजारी कर डाली। अभिलेख भी अधूरे मिले।
डीएम से अनुमति मिलने के बाद कोटेदार और उसके भाई पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पूर्ति निरीक्षक रजनीशचंद्र शुक्ला ने न्यूुरिया थाने में दी गई तहरीर में बताया कि राशन वितरण न करने की शिकायत पर महचंदी गांव की सरकारी राशन की दुकान का चार अप्रैल को निरीक्षण किया गया था। कोटेदार छेदालाल ने ई-पॉस मशीन अपडेट कराने के चलते वितरण न होने की बात कही। इसके बाद खाद्यान्न की पड़ताल की गई। इसमें सामने आया कि कोटेदार छेदालाल ने अपने भाई रमेश के साथ मिलकर 25.88 क्विंटल गेहूं और 17.27 क्विंटल सरकारी चावल जोकि जरूरतमंद कार्ड धारकों को बांटा जाना था, उसकी कालाबाजारी कर ली। राशन की दुकान के अभिलेख चेक किए गए, वह भी अधूरे निकले। पूछने पर कोटेदार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसकी रिपोर्ट आलाधिकारियों को दी गई। डीएम से कार्रवाई की संस्तुति मिलने पर नामजद तहरीर दी।
एक दिन पूर्व बढ़ेपुरा गांव के कोटेदार गुरमेज सिंह के खिलाफ भी राशन की कालाबाजारी मिलने पर कानूनी कार्रवाई हुई थी। कई अन्य राशन की दुकानों पर कम राशन देने का आरोप लगाते हुए शिकायतें की जा चुकी हैं।
पूर्ति निरीक्षक की ओर से कोटेदार छेदालाल और उसके भाई रमेश के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर सरकारी राशन की कालाबाजारी करने का आरोप है। मामले में तथ्यों के आधार पर विवेचना कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी- खीम सिंह जलाल, इंस्पेक्टर न्यूरिया