माला स्टेशन पर चल रहा कार्य । स्रोत-आरवीएनएल
पीलीभीत। माला जंगल क्षेत्र में रेलवे का काम पूरा करने के लिए जब वन विभाग की मंजूरी मिली तो अब जंगली वन्यजीवों का खतरा श्रमिकों पर मंडराने लगा है। वन्यजीवों के खौफ के बीच ही काम किया जाता है। इस दौरान वहां पर वनकर्मियों के अलावा उनकी सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं है।
बड़ी रेलवे लाइन को लेकर इस समय अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद काम तेजी से किया जा रहा है। इस काम में वन्यजीव बाधा बन रहे हैं। कहने को तो जंगल में काम के दौरान वन कर्मियों की मौजूदगी रहनी चाहिए, लेकिन काम के दौरान वहां पर रेलवे की ओर से ही श्रमिक मौजूद रहते हैं। काम करने के दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सताती है। जंगल क्षेत्र में कर्मियों को सुरक्षा नहीं मिल रही है।
मौजूदा समय में माला नदी पर काम चल रहा है। यहां पर घना जंगल होने के कारण हिंसक वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। दो दिन पहले यहां अचानक बाघ आ गया था। श्रमिकोें ने भागकर अपनी जान बचाई थी। फिर भी उनकी सुरक्षा को लेकर वन विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जंगल में इस समय काम चल रहा है। यहां पर वन कर्मचारी मौजूद नहीं रहते हैं। आए दिन बाघ या फिर अन्य वन्यजीवों के आने से दहशत रहती है।- कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, प्रबंधक- आरबीएनएल
सुरक्षा को लेकर माला जंगल में उनके करीब दस कर्मचारी तैनात रहते हैं। हो सकता है कि उस वक्त वहां पर न हो। ड्यूटी सभी की लगी है। - नवीन खंडेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी, पीटीआर