पीलीभीत। दस वर्ष पुराने आचार संहिता उल्लंघन के दो मामलों में सत्र न्यायालय ने गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार को दोषमुक्त करार दिया है। सजा के विरुद्ध राज्यमंत्री की तरफ से सत्र न्यायालय में अपील की गई थी।
4 जनवरी 2012 को सुनगढ़ी थाने के दरोगा अमर सिंह व 5 जनवरी को 2012 को सुनगढ़ी थाने के एसओ पहूप सिंह ने संजय गंगवार के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दस साल तक मामला अदालत में चलता रहा। दिसंबर 2022 में एमपी- एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश प्रियंका रानी ने दोनों मामलों में गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार को दोषी पाते हुए प्रत्येक में दो-दो हजार रुपये अर्थदंड सहित तीन-तीन माह की सजा सुनाई थी।
अवर न्यायालय के दंडादेश के विरुद्ध राज्यमंत्री संजय गंगवार की ओर से सत्र न्यायालय में फौजदारी की अपील दाखिल की गई थी। न्यायालय ने सुनवाई के बाद उपरोक्त दोनों मामलों में अवर न्यायालय के दंडादेश को निरस्त कर अपील स्वीकार कर ली। करीब एक साल तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को इसमें फैसला आया। इसमें अपर सत्र न्यायाधीश छांगुरराम ने गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार को दोष मुक्त करार दिया। राज्यमंत्री के दोषमुक्त करार होते ही उनके कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी।
ये था मामला
2012 में संजय गंगवार पहली बार विधान सभा चुनाव लड़े थे। विधान सभा चुनाव के दौरान नौगवा चौराहे की तरफ से एक बुलेरो गाड़ी को पुलिस ने पकड़ लिया। चेकिंग के दौरान संजय सिंह गंगवार की प्रचार सामग्री निकली। 4 व 5 जनवरी को लगातार दो मामले संजय गंगवार पर सुनगढ़ी थाने में दर्ज किए गए थे।