पूरनपुर। स्वच्छ जल अभियान के तहत घर-घर शुद्ध जल पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इनकी हकीकत जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत पूरनपुर देहात बयां कर रही है। यहां करोड़ों खर्च होने के बाद भी सालों से लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिला है। पाइप लाइन पानी की आपूर्ति न होने से बर्बाद हो गई है। सुधार के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं।
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत पूरनपुर देहात की आबादी करीब एक लाख है। यहां 35 हजार मतदाता हैं। पूरनपुर देहात को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए 2014 में मोहल्ला रजागंज और 2018 में रेलवे लाइन पार भगवंतापुर रोड के पास करीब 7.4 करोड़ की लागत से ओवर हेड टैंक बनाए गए थे। इसके अलावा पानी आपूर्ति के लिए पाइप लाइन भी बिछाई गई। पानी की आपूर्ति शुरू हुई तो जगह-जगह लीकेज से जलभराव की समस्या पैदा हो गई। लिहाजा पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई।
तब से पूरनपुर देहात की पेयजल आपूर्ति ठप है। पाइप लाइन भी पानी की आपूर्ति न होने से बर्बाद हो गई है। करोड़ों खर्च होने के बाद पानी की आपूर्ति न मिलने से लोगों में रोष है। लोगों को खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है। यहां फिर लोगों ने घरों में मोटर लगा रखी हैं।
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सात साल पहले कुछ क्षेत्र मेें नाममात्र की पानी की आपूर्ति शुरू की गई। पाइप लीकेज होने से जगह-जगह जलभराव हो गया। पाइप सही करने के नाम पर पानी की आपूर्ति बंद की गई। इसके बाद अब तक पानी की आपूर्ति नहीं हुई। - राजीव सक्सेना
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पूरनपुर देहात में पानी आपूर्ति को कहने को तो दो-दो टैंक हैं। मगर मात्र कुछ दिन ही पानी की आपूर्ति हो सकी। लीकेज आदि को लेकर बंद हुई आपूर्ति को शुरू कराने का प्रयास नहीं किया गया। - इमरान
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पानी की आपूर्ति के लिए सात साल पहले टैंक बनाए गए और पाइप लाइन डाली गई। लीकेज से सड़कें खराब हो गईं। पाइप लाइन भी डैमेज हो चुकी है। पेयजल आपूर्ति शुरू हो, इसके लिए डीएम, सीडीओ समेत अन्य अफसरों के सामने समस्या रखी गई। हाल में स्वच्छ जल अभियान के तहत हुई बैठक में समस्या रखी गई। एनजीओ के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने का आश्वासन मिला है। - मास्टर फैय्याज, प्रधान के पति।