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पीटीआरः एक करोड़ की लागत से चार किलोमीटर दायरे में लगाए तार

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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल सीमा में लगी तारफेंसिंग। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ जंगल से बाहर मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के प्रयासों के बीच तारफेंसिंग के कार्य को मंजूरी मिली है। टाइगर रिजर्व प्रशासन (पीटीआर) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर चार किलोमीटर की मंजूरी मिल गई। एक करोड़ रुपये की लागत से चार किलोमीटर दायरे में तारफेंसिंग कराई जाएगी। महोफ और बराही रेंज की जंगल सीमा पर कार्य शुरू करा दिया गया है।
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पीटीआर में वन्यजीवों की संख्या में इजाफा होने से जंगल और उसके बाहर के इलाके में सक्रियता भी बढ़ी है। तृणभोजी (घास खाने वाले) वन्यजीवों के जंगल से बाहर निकलने का सिलसिला ज्यादा बढ़ गया है। वन्यजीव खेतों में खड़ी फसलों का नुकसान करने में जुटे हैं। किसान भी लगातार समस्या का समाधान कराने की मांग करते आ रहे हैं। वहीं, वन्यजीवों का पीछा कर बाघ और तेंदुए के भी जंगल से बाहर आने की संभावना ज्यादा रहती है। इन सबको ध्यान में रखते हुए पूर्व में टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने तारफेंसिंग के कार्य को योजना में शामिल करने के साथ प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। चार किलोमीटर दायरे में कार्य कराने की मंजूरी मिल गई है।
दस किमी का भेजा था प्रस्ताव, मंजूरी सिर्फ चार की
टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा दस किलोमीटर जंगल क्षेत्र में तारफेंसिंग कराने की योजना बनाकर प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन शासन स्तर से चार किलोमीटर दायरे के लिए ही मंजूरी मिली है। बजट भी आवंटित हो गया है। एक किलोमीटर क्षेत्र के लिए 25 लाख का बजट खर्च होगा। महोफ और बराही रेंज की जंगल सीमा में कार्य शुरू हो गया है।
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दस किलोमीटर क्षेत्र में तारफेंसिंग करने का प्रस्ताव भेजा था। फिलहाल चार किलोमीटर क्षेत्र के लिए मंजूरी मिली है। काम शुरू हो गया है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायेक्टर, पीटीआर
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