पीलीभीत। सेव एनवायरमेंट वेलफेयर सोसायटी ने जंगल किनारे रहने वाले किसानों को वन्य जीवों के हमले से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। सोसायटी के लोगों ने ग्रामीणों को अलग-अलग वन्यजीवों के स्वभाव और उनके बचने के तौर तरीकाें की जानकारी दी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से सटे गांव मैनाकोट, खिरकिया बरगदिया, महाराजगंज, ढक्काचांट, किशनपुर आदि गांव में टीम के लोगों ने पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान सोसायटी के पर्यावरण चिंतक टीएच खान ने ग्रामीणों को बताया कि मौजूदा समय में जंगली हाथियों ने खुद के आने-जाने का रास्ता इन्हीं गांवों के किनारे से तय कर लिया है।
ऐसी दशा में हाथियों के हमले से खुद बचा जा सकता है। इस दौरान ग्रामीणों ने वन्यजीवों से होने वाले फसल नुकसान के बारे में भी बताया। इस पर सदस्यों ने जल्द ही दोनों टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टरों से मुलाकात कर समाधान कराने की बात कही।
ये बताए तरीके
टीएच खान और अशोक शर्मा ने ग्रामीणों को बताया कि हाथी अगर आपको बहुत दूर से देख रहा है तो भाग जाएं। कम दूरी पर है तो आड़े-तिरछे भागे। हाथी लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ही कुछ दूर ही भाग पता है। हाथियों का सूंड और कान पीछे करना हमले का संकेत होता है। जल्द से जल्द किसी स्थान पर जाकर छिप जाएं या मजबूत ऊंचे स्थान और मजबूत पेड़ पर चढ़ जाएं। यदि अचानक हाथी आपके सामने ही आ जाए तो स्थिर हो जाएं, पीठ न करें।