फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुलाकात से पहले मौत: जेल में फंदे से लटका मिला बंदी का शव, एक दिन पहले जताई थी मां से मिलने की इच्छा

Wed, 21 Feb 2024 02:30 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के गांव सिमराया निवासी सुखविंदर के खिलाफ वर्ष 2016 में कोतवाली पूरनपुर में किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मंगलवार को उसने मफलर का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। एक दिन पहले ही उसने अपनी मां से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। 
विज्ञापन
सुखविंदर का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीलीभीत में दुष्कर्म के आरोपी सुखविंदर ने मंगलवार को जिला कारागार के शौचालय में मफलर का फंदा बनाकर जंगले से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। चार साल जमानत पर रहने के बाद वारंट जारी होने पर सुखविंदर को दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में 13 दिन पहले ही जिला कारागार भेजा गया था। जहां सोमवार को तारीख पर बहनोई व भाई से मुलाकात होने पर उसने मां से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। 

विज्ञापन


कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम सिमराय निवासी सुखविंदर (23) पुत्र तिलक राम के खिलाफ वर्ष 2016 में कोतवाली पूरनपुर में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2020 में वह जमानत पर बाहर आया था। सात फरवरी को पेशी के बाद न्यायालय के आदेश पर दोबारा जेल भेज दिया गया।

जंगले से बंधा था मफलर 
मंगलवार दोपहर 12:30 बजे उसने शौच के लिए जाने की बात कही। इसके बाद जेल के नंबरदार उसको लेकर शौचालय गए। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आया तो जेल कर्मियों ने अंदर झांककर देखा। शौचालय के अंदर वह रोशनदान के जंगले से मफलर का फंदा बनाकर लटका हुआ था।
विज्ञापन


मौके पर पहुंचे जेल चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। जेल में बंदी के आत्महत्या करने की सूचना पर एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नरेश त्यागी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 

 

सुखविंदर के भाई पप्पू और बहनोई बबलू ने उससे न्यायालय में तारीख के दौरान मुलाकात की थी। वहां उसने मंगलवार को मां से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। जिस पर भाई और बहनोई ने मां से मुलाकात करवाने का मंगलवार को आश्वासन भी दिया था। 

मां को रो-रोकर बुरा हाल 
मंगलवार को मां को मुलाकात करने आना भी था लेकिन देर हो जाने के कारण वह मुलाकात करने नहीं आ सकीं। दोपहर एक बजे उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली। मां प्रेमादेवी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर रो-रोकर जेल कर्मियों से अपने बेटे से मिलने की बात दोहराने लगीं। मृतक के पिता की पूर्व में मौत हो चुकी है। मृतक के परिवार में उसकी मां प्रेमादेवी, भाई विजय, पप्पू, हरिचंद्र और बहन राखी हैं। मृतक तीसरे नंबर का था।
विज्ञापन

दो दिन बाद ही थी जमानत की तारीख 
परिजनों ने बताया कि सोमवार को जब वे लोग मुलाकात कर गए, तो उन्होंने 22 तारीख को जमानत की बात बताई थी। किसी तरह की  अनहोनी की आशंका नहीं लग रही थी। इसके बाद भी सुखविंदर ने ऐसा कदम क्यों उठाया, समझ नहीं आ रहा। 

परिजनों को हत्या की आशंका
मृतक के चाचा हरिप्रसाद ने फोन पर बताया कि थाना माधोटांडा क्षेत्र के गांव की एक महिला उसकी रिश्तेदार है। जिसका ससुर कुछ समय पूर्व दहेज हत्या में जेल में बंद रहा था। महिला उनके भतीजे से मुलाकात करने आया करती थी। जिसका वह विरोध करता था। वह कई बार उनके भतीजे को जेल के अंदर ही मरवाने की धमकी दे चुके थे। 

जेल अधीक्षक राजे्श पांडेय ने बताया कि जिला कारागार में बंदी ने आत्महत्या की है। अब तक की जांच में आत्महत्या करने का कारण प्रकाश में नहीं आया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें