प्रधान और सचिव से होगी 40 हजार रुपये की वसूली
मनरेगा योजना में एक के बाद एक घोटाले आ रहे सामने
पीलीभीत। मनरेगा योजना में परिवार के लोगों का जॉबकार्ड में गलत ढंग से नाम शामिल कर प्रधान ने उनका फर्जी भुगतान भी कर दिया। यही नहीं कागजों में महिलाओं से काम करवाना दिखाया, जबकि धरातल पर पुरुषों ने काम किया था। ग्रामीणों की शिकायत पर जब जांच की गई तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। डीसी मनरेगा ने प्रधान और सचिव से फर्जी रूप से निकाले गए 40 हजार रुपये की वसूली करने की संस्तुति कर पत्रावली डीएम को भेजी है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव बराही के रहने वाले बलविंदर, गोविंद, लक्ष्मण प्रसाद ने डीएम और सीडीओ से मनरेेगा में हुई घपलेबाजी की शिकायत की थी। कहा था कि प्रधान अवधेश कुमार ने अपने भाई, मामा, मौसी, ताऊ के नाम पर फर्जी हाजिरी लगाकर काम के बदले रुपये निकाल लिए। प्रधान खुद अपनी मनमानी से काम करवा रहे हैं और रोजगार सेवक को कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
आरोप था कि प्रधान ने गांव में चार स्थानों पर काम कराना बताया था, जबकि वहां पर काम नहीं हुआ था। ग्रामीणों का आरोप था कि प्रधान ने अपने भाइयों के नाम जॉबकार्ड में शामिल कर लिए और भुगतान निकाल लिया। ग्रामीणों की शिकायत पर डीसी मनरेगा मृणाल सिंह ने गांव जाकर जांच की थी। मौके पर शिकायतकर्ताओं के अलावा गांव के अन्य लोगों से पूछा गया तो बताया कि प्रधान ने मंजीत, संजीत, अखिलेश और जरीना के नाम गलत ढंग से जॉबकार्ड पर दर्ज किए थे। सभी के नाम से 13632 रुपये का भुगतान करा लिया था।
इसके अलावा कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रधान द्वारा गलत ढंग से भुगतान करने की शिकायत जांच में सही पाए जाने की डीसी मनरेगा ने पुष्टि कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी। डीसी मनरेगा ने भुगतान में फर्जीवाड़े को लेकर प्रधान और सचिव से 40 हजार रुपये की वसूली कराने और कंप्यूटर सहायक पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर जाकर जांच की गई थी। जांच में प्रधान सचिव से फर्जी रूप से निकाले गए 40 हजार रुपये की वसूली करने की संस्तुति की गई है। पत्रावली डीएम को भेजी गई है।।
- मृणाल सिंह, डीसी मनरेगा
मृतक के खाते मेें भेजी गई मजदूरी अब होगी वापस
पीलीभीत। बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के गांव ढकिया जलालपुर में रोजगार सेवक ने मृतक से मनरेगा में काम करवाना दिखाकर 49 दिनों की मजदूरी उसके खाते में डाल दी थी। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद अब मृतक के खाते में भेजी गई धनराशि को वापस सरकारी खाते में भेजने के लिए सीडीओ ने संबंधित बैंक को पत्र लिखा है।
बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के गांव ढकिया जलालपुर में रोजगार सेवक ने मनमाने ढंग से लोगों से काम करवाया था। गांव में कई साल पहले मर चुके विजयपाल के नाम से हाजिरी लगाकर उससे 49 दिन का काम करवा दिया गया। रजिस्टर पर हाजिरी भी सत्यापित कर दी गई थी। गांव के सुरेश कुमार ने अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत पर डीसी मनरेगा मृणाल सिंह ने गांव जाकर जांच की तो पता चला कि विजयपाल की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी है। उसके खाते में 49 दिन के 10339 रुपये भी भेज दिए गए थे। दोषियों पर कार्रवाई के लिए पत्रावली डीएम के यहां लंबित है। उधर, गलत ढंग से खाते में भेजी गई धनराशि को लेकर सीडीओ ने संबंधित बैंक प्रबंधक को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि मृतक के खाते में भेजी गई धनराशि को सरकार के खाते में वापस करा दिया जाए। इसको किसी भी दशा में न निकाला जाए। सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक के नाम खाते में भेजी गई धनराशि को वापस कराया जा रहा है। इसके लिए संबंधित बैंक प्रबंधक को पत्र भेजा गया है।