पूरनपुर। ग्राम पंचायत पूरनपुर देहात में 67 तालाब हैं लेकिन कागजों में यहां एक भी तालाब पर कब्जा नहीं है। यह हाल तब है जब पूर्व प्रधान मेहंदी हसन ने पूरनपुर देहात के 40 तालाबों पर कब्जे की शिकायत की थी। तब तालाबों से कब्जा न हटवाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। हाल ही में एसडीएम को एक तालाब पर कब्जा मिला। कब्जा हटवाने के बाद एसडीएम ने तहसील मुख्यालय से ग्राम पंचायत के पांच किलोमीटर एरिया तक मौजूद तालाबों की जांच के आदेश दिए हैं।
पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत के 67 तालाबों में से कई पर कब्जे की पूर्व में कई बार शिकायत की जा चुकी है। कई तालाबों पर कॉलोनाइजरों ने कब्जा कर रखा है जबकि कुछ पर किसानों ने। एलआईसी के समीप एक तालाब की जमीन पर नींव भरकर चार साल पहले कब्जा किया गया था। तत्कालीन एसडीएम ने हल्का लेखपाल को तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद तालाब से कब्जा हटवा दिया गया था। मगर कुछ दिन बाद यहां फिर नींव भरकर कब्जा कर लिया गया। इसके अलावा अन्य कुछ तालाबों पर भी कब्जे हैं। हाल ही में असम हाईवे के पास एक तालाब पर कब्जे की शिकायत एसडीएम को मिली। उन्होंने जाकर देखा तो शिकायत सही पाई गई। इसके बाद तालाब से कब्जा हटाया गया। इसके बाद एसडीएम ने ग्राम पंचायत के तालाबों की जांच के आदेश दिए।
तालाब को अभिलेख में दर्ज न करने वाले अफसर व कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
पूरनपुर। असम हाईवे पर रोडवेज बस स्टैंड के समीप सोमवार को जिस तालाब को कब्जा मुक्त कराया गया। उसके कब्जेदारों पर मुकदमा नहीं होगा। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि तालाब को 2019 में अभिलेखों में दर्ज करने के आदेश हुए थे। कर्मचारियों की लापरवाही से उसे अभिलेखों में दर्ज नहीं किया गया। जांच में अफसर और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। अतिक्रमण हटाते समय कोई कब्जेदार मौके पर नहीं आया और किसी ने जमीन को अपना होने का दावा नहीं किया। अगर कोई दावा करता। तब उस पर एफआईआर दर्ज कराई जाती।
पूरनपुर देहात समेत क्षेत्र के पांच किलोमीटर परिधि के तालाबों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। कुछ तालाबों पर कब्जा होने की शिकायत भी मिली है। शीघ्र ही जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अगर तालाब की जमीन पर निर्माण मिला तो उसे जेसीबी से ध्वस्त कराया जाएगा। - आशुतोष गुप्ता, एसडीएम।