चीनी मिल के अधिकारियों की अनदेखी के चलते ग्राम परसिया का गन्ना क्रय केंद्र पिछले लगभग दो माह से अघोषित रूप से बंद पड़ा है, जिससे किसानों को दिक्कत हो रही है। बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा से संबद्ध गांव परसिया का गन्ना क्रय केंद्र माह नवंबर में चालू हो गया था। 30 नवंबर तक क्रय केंद्र विधिवत रूप से चलता रहा। पहली दिसंबर से यह क्रय केंद्र अघोषित रूप से बंद हो गया था, जो अभी भी बंद पड़ा हेै। क्रय केंद्र बंद होने से साधन संपन्न किसान तो अपना गन्ना मिल गेट पर पहुंचा देते हैं, लेकिन साधन विहीन किसान अपना गन्ना मिल गेट पर नहीं पहुंचा पाते हैं। ऐसे साधन विहीन किसानों को मजबूरी में अपना गन्ना औने पौने दामों पर दलालों को बेचना पड़ रहा है, जिसमें उनका काफी घाटा हो रहा है। हालांकि इस बीच किसानों ने चीनी मिल और गन्ना विभाग के धिकारियों का ध्यान कई बार इस ओर आकृष्ट कराकर क्रय केंद्र पर गन्ने की तौल विधिवत रूप से शुरू कराने की मांग की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला, जिससे किसानों में रोष है। इस बावत सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि परसिया क्षेत्र के अधिकांश किसान अधिक मूल्य मिलने के लालच में मिल गेट पर पहुंचा देते हैं, जिसके कारण क्रय केंद्र पर नियमित रूप से गन्ने की तौल नहीं हो पा रही है।