उत्तर प्रदेश के पीलीभीत इलाके में विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम में कुछ लोगों की घर वापसी हुई है। पहले इन लोगों ने इसाई धर्म को अपनाया था।
नेपाल सीमा से सटे गांवों में धर्मांतरण के इसाई बने लोगों की घर वापसी कराई जा रही है। शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें सिख समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए है। कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट है।
भारत-नेपाल सीमा के टाटरगंज, बेल्हा, बमनपुरी आदि गांवों में लंबे समय से धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे थे। करीब 10 दिन पूर्व सिख समाज के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम और एसपी से मुलाकात कर धर्मांतरण के खेल पर रोक लगाने की मांग की थी।
करीब 150 परिवारों की सूची सौंपी थी। हालांकि प्रशासन ने धर्मांतरण की गतिविधि से इनकार किया था। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने सीमा से सटे गांवों में जाकर मुलाकात की। लोगों को घर वापसी के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में शुक्रवार को बेल्हा-टाटरगंज में घर वापसी कार्यक्रम किया जा रहा है। सिख समाज के करीब 500 लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए है। सुरक्षा को लेकर हजारा थाना पुलिस भी मुस्तैद है।