शारदा डैम की तलहटी में पिंजरे के पास खड़े ग्रामीण।संवाद
कलीनगर। कई दिन की खामोशी के बाद मटाईयां लालपुर इलाके में बाघ की दहाड़ से ग्रामीण दहशत में आ गए। सूचना वन विभाग को दी गई। सुरक्षा को लेकर यहां जाल और कैमरे लगाए गए हैं।
चार दिन पूर्व टाइगर रिजर्व के जंगल से निकलकर एक बाघ नगरिया तालुके महाराजपुर क्षेत्र में पहुंच गया था। जहां उसने हमला कर सुजीत राय को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। चार दिन से बाघ की चहलकदमी नहीं देखी जा रही थी। शुक्रवार को रात आठ बजे मटाईयां लालपुर में पंचानंद राय के घर के बराबर में खड़े नरकुल वाले क्षेत्र में बाघ ने पुन: दस्तक दी।
पंचानंद के पुत्र सुरेंद्र राय ने बाघ की मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दी। प्रभागीय वनाधिकारी के मुताबिक यहां आठ कैमरे और जाल लगाया गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी का कहना है एक टीम में डिप्टी रेंजर मोहम्मद आरिफ दूसरी में डिप्टी रेंजर शाहिद अहमद मौके पर नजर रखे हैं। पिंजरे में बकरे को भी बांधा गया है।
शारदा डैम की तलहटी में पिंजरे के पास खड़े ग्रामीण।संवाद