पूरनपुर के गांव पिपरिया मझरा में हुई चौपाल में मौजूद किसान। संवाद
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पूरनपुर। किसानों को पराली न जलाने का पाठ पढ़ाकर लौट रहे डीएम रास्ते घुंघचाई के पास पराली जलती देख रुक गए। काफिला रोककर जलती पराली को बुझवाया। बाद में एसडीएम को संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
दीपावली पर क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम प्रवीण कुमार ने बुधवार को गांव पिपरिया मझरा में एक धार्मिक स्थल और गांव सुंदरपुर के प्राथमिक स्कूल में चौपाल के दौरान पराली जलाने से होने वाले नुकसान और पराली नष्ट करने के उपाय, गोशालाओं में पराली दान करने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बाद कुछ किसानों ने पराली जलाई है। अब पराली जलाने की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। वह भी किसानों पर कठोर कार्रवाई नहीं कराना चाहते। मगर कार्रवाई के लिए उनको मजबूर न किया जाए। डीएम ने तहसील सभागार में भी किसानों के साथ बैठक कर पराली न जलाने का आह्वन किया। चौपाल और बैठक में कुछ किसानों ने गेहूं की बुआई के लिए डीएपी न मिलने समेत अन्य समस्याएं रखीं। उप कृषि निदेशक देवेंद्र कुमार ने भी डी-कंपोजर से पराली को नष्ट करने के तरीके बताए। एसडीएम आशुतोष गुप्ता, सीओ ज्योति यादव, तहसीलदार ध्रुव नारायण यादव आदि मौजूद रहे।