पीलीभीत। गांव में सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत हुई थी। शिकायत पर जांच शुरू हुई तो सचिव ने छह माह बाद भी अभिलेख नहीं दिए। अब डीएम के निर्देश पर लापरवाह सचिव के पास से पंचायतों को हटा दिया गया है।
गांव के कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव में कराए गए कार्यों में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री के यहां से जांच के निर्देश आने के बाद डीएम ने जिला गन्नाधिकारी को जांच सौंपी थी। करीब छह माह पहले जांच अधिकारी ने जांच के लिए पंचायत से संबधित अभिलेख ग्राम विकास अधिकारी करन सिंह नवियाल से मांगे।
बावजूद इसके सचिव ने अभिलेख नहीं दिए। कई बार नोटिस के बाद भी सचिव ने अभिलेख नहीं दिए तो रिपोर्ट पर डीपीआरओ ने सचिव के निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट डीडीओ को भेजी। तत्कालीन डीडीओ शैलेन व्यास ने इस मामले में सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
अब डीएम के निर्देश पर लापरवाह सचिव के पास से चंदपुरा और जसोली दिवाली क्लस्टर को ले लिया गया है। उनके स्थान पर प्रवीन मौर्य और रीतेश शुक्ला को ग्राम पंचायतें आवंटित की गईं हैं। इसके अलावा सचिव विकास पांडेय के पास से भी जारकल्लिया, गजरौला कलां, कंजा हरैया और जमुनिया, पिपरिया भंजा पंचायतों का चार्ज ले लिया गया है। उनकी पंचायतें पूरन सिंह राना, मेवालाल को दी गई हैं। जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया दोनों सचिवों से पंचायतें लेकर अन्य को दी गईं हैं।