पूरनपुर। शारदा की बाढ़ से नदी किनारे के खेतों में पानी भर जाने की वजह से धान, अरबी, हल्दी और सब्जियों की फसलें नष्ट हो गई। गन्ना के खेतों में जलभराव और रेत से फसल दबने से उसके भी नष्ट होने की आशंका किसान जता रहे हैं।
नदी किनारे अधिकांश खेतों में सब्जी के अलावा धान, हल्दी, अरबी और गन्ना की खेती किसान करते है। नदी में आई बाढ़ से खेतों में अब भी जलभराव है। कई दिन तक खेतों में पानी भरा रहने से हल्दी, अरबी, धान की फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं। गन्ना के खेतों में अब भी तीन से चार फुट पानी भरा हुआ है।
इसके अधिकांश खेतों में गन्ने की फसल रेत में दब गई। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। गांव चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि गन्ने की फसल भी बचने की उम्मीद कम रह गई है।
००००
बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिल रहा खाना पूरनपुर। नदी किनारे के गांवों में चार दिन तक तीन से पांच फुट तक जलभराव रहने से घरों में रखा अनाज खराब हो गया। इन्हें अब तक सरकारी मदद भी नहीं मिली है। गांव राहुलनगर में पीड़ितों को खाना बांंटने के नाम पर बृहस्पतिवार को बस औपचारिकता निभाई गई। गांव की तीन गलियों में खिचड़ी का वितरण किया गया। यह भी ज्यादातर लोगों को मिली नहीं। घरों से बाढ़ का पानी निकलने के बाद रेत और गंदगी से लोग परेशान हैं। अनाज भीग जाने पर घरों में खाने का संकट आ गया है। संवाद