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मंडी में धान की आवक शुरू, शुरूआत में ही कीमतें दे रहीं किसानों को झटका

सार

लीडफोटो- 4मंडी में धान की आवक शुरू, शुरूआत में ही कीमतें दे रहीं किसानों को झटका- शुक्रवार को 14 से 15 सौ के बीच बिका धान, सरकारी खरीद आज से होगी शुरू- किसान बोले, लागत काफी ज्यादा आई पर कीमत पिछले साल जैसी ही मिल रही - अभी नहीं आया है धान खरीद का लक्ष्य, पिछले साल हुई थी 2.80 लाख मीट्रिक टन खरीदसंवाद न्यूज एजेंसी पीलीभीत। शुक्रवार को पीलीभीत मंडी में अधिकतम बोली 1600 रुपये प्रति क्विंटल की लगी।करीब एक हजार क्विंटल से ज्यादा की खरीद हुई, लेकिन मंडी में धान लाने वाले किसानों का कहना है कि अधिकतर किसानों का धान 1400-1500 रुपये प्रति क्विंटल ही खरीदा गया। धान खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी सरकारी क्रय केंद्रों पर शनिवार से खरीद शुरू हो जाएगी।
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शुक्रवार को पीलीभीत मंडी समिति में लगे धान के ढेर।
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मंडी में धान की आवक शुरू, शुरूआत
में ही कीमतें दे रहीं किसानों को झटका
- शुक्रवार को 14 से 15 सौ के बीच बिका धान, सरकारी खरीद आज से होगी शुरू
- किसान बोले, लागत काफी ज्यादा आई पर कीमत पिछले साल जैसी ही मिल रही
- अभी नहीं आया है धान खरीद का लक्ष्य, पिछले साल हुई थी 2.80 लाख मीट्रिक टन खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। कम बारिश के चलते धान की फसल में ज्यादा लागत आने के बाद किसानों की सारी उम्मीदें बाजार भाव पर टिकी हैं, लेकिन शुरुआत में ही उनको झटका लगने लगा है। बाजार में किसानों को 1400-1600 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि लागत के मुकाबले धान की कीमत काफी कम मिल रही है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान खरीद शनिवार से शुरू हो रही है। पिछले साल 2.80 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। उम्मीद है कि इस बार भी इतनी ही खरीद होगी। हालांकि अब तक शासन से खरीद का लक्ष्य नहीं आया है। दूसरी तरफ मंडी में धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन किसान को उम्मीद से कम कीमत मिल पा रही है। शुक्रवार को पीलीभीत मंडी में अधिकतम बोली 1600 रुपये प्रति क्विंटल की लगी।
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करीब एक हजार क्विंटल से ज्यादा की खरीद हुई, लेकिन मंडी में धान लाने वाले किसानों का कहना है कि अधिकतर किसानों का धान 1400-1500 रुपये प्रति क्विंटल ही खरीदा गया। 100 रुपये प्रति क्विंटल नमी के नाम पर काट लिए गए। यहां बता दें कि धान का सरकारी दाम सामान्य 2040 रुपये और ए ग्रेड धान की कीमत 2060 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
नमी मापने के लिए कोई उपकरण नहीं
फसलों में नमी मापने के लिए वैसे तो ग्रेनपो नमी मीटर का उपयोग किया जाता है, लेकिन मंडी में यह कहीं नहीं दिखा। व्यापारी हाथ से छूकर ही नमी अंदाजे से बता दे रहे थे। किसानों का कहना है कि नमी ज्यादा बताकर कम कीमत लगाई जाती है। यहीं कारण रहा था अधिकतम बोली 1600 रुपये प्रति क्विंटल की लगी जबकि खरीद 14 से 15 सौ रुपये प्रति क्विंटल पर की गई। किसानों ने मांग की कि उपकरण से ही नमी मापी जाए। बता दें कि सरकारी क्रय केंद्रों पर अधिकतम 17 फीसदी नमी का मानक है।
धान खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी
सरकारी क्रय केंद्रों पर शनिवार से खरीद शुरू हो जाएगी। खरीद के लिए 161 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। एआरएमओ विकास चंद तिवारी ने बताया कि सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पारदर्शिता के साथ खरीद कराई जाएगी। कहीं गड़बड़ी मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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1800 के दाम मिलने चाहिए थे
पचास क्विंटल धान लाए थे। 1600 रुपये में बिका। बीस फीसद की नमी बता रहे थे। शुरुआत है, उम्मीद है बाजार का भाव ठीक होगा। किसानों को प्राइवेट में कम से कम 1800 रुपये के दाम मिलने चाहिए।
- दिलबाग सिंह, गुलड़िया
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मंडी में व्यापारियों की मनमानी हावी
इतनी दूर से मंडी में धान लेकर आए। यहां 1400 रुपये के दाम मिले। शुरू में कम बारिश होने से इस बार लागत ज्यादा आई। मंडी में तो व्यापारियों की मनमानी हावी है। बीस फीसद नमी बताकर कम कीमत पर खरीद की जा रही है। कम से कम बाजार में 1800 रुपये का रेट तो मिलना चाहिए।
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- निशान सिंह, मचंदी
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मंडी में भी गांव जैसा ही है भाव
एक ट्रॉली धान लाया था। व्यापारियों ने पंद्रह फीसद की नमी बता दी, जबकि मेरा धान अच्छा था। 1550 रुपये से ज्यादा रेट नहीं मिला। मजबूरन धान बेचना पड़ा। मंडी में इस उम्मीद से आए थे कि कीमत ठीक मिलेगी, लेकिन यहां भी गांव जैसा हाल है। मनमाने तरीके से धान खरीदा जा रहा है।
- हनीफ, मनचंदी
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