बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी एसोसिएशन की ओर से लिपिकों ने लेखाधिकारी की रिपोर्ट को निरस्त कराने की मांग को लेकर दस मई से बीएसए कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कार शुरू किया था। बुधवार को भी लिपिकों ने कार्य बहिष्कार कर बीएसए कार्यालय परिसर में धरना दिया। धरनास्थल पर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के अध्यक्ष वासुदेव गंगवार, मंत्री राजीव कुमार सिन्हा और प्रदेश कोषाध्यक्ष नाहिद खां ने पहुंचकर समर्थन दिया। कोषागार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहसिन खां ने लेखाधिकारी की ओर से कर्मचारियों पर दुर्भावनापूर्ण दर्ज कराए गए मुकदमे की भर्त्सना की गई। सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक कल्याण परिषद के मंत्री इंतजार अहमद ने भी समर्थन करते हुए लेखाधिकारी के कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके अलावा उर्दू अनुवादक संघ के अध्यक्ष मोहम्मद वली खां, एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफीसर्स एसोसिएशन के पूर्व मंडलीय अध्यक्ष अब्दुल मुजीब, पूर्व महामंत्री सुमेरलाल ने भी कर्मचारियों को समर्थन दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ ललौरीखेड़ा के मंत्री चंद्रमोहन ने कहा कि कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट रहा है। यदि दर्ज मुकदमा निरस्त नहीं किया जाएगा तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष शहनवाज आलम ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर लेखाधिकारी पर आरोप लगाते मामले की जांच कराने व दर्ज मुकदमा निरस्त कराने की मांग की। इस मौके पर उमेश गंगवार, संजय सिंह, नजाकत खां, मुकेश कुमार अवस्थी, अनीता तिवारी, द्वारिका प्रसाद त्रिपाठी, कृष्णपाल, भूपेंद्रवीर, आकाश सक्सेना, सौरभ सक्सेना, तिलकराम, बाबूराम, दशरथलाल, मंजू देवी, अशरफजहां, अनिल भटनागर, रामकुमार मिश्रा, जंगबहादुर आदि शामिल रहे। एक दिन पहले कर्मचारियों की ओर से बीएसए कार्यालय में की गई तालाबंदी को देखते हुए कार्यालय परिसर में पुलिसबल तैनात रहा।