पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए छह माह पहले शासन ने आदेश जारी कर कैमरों की आपूर्ति के लिए एजेंसी तय करने को कहा था। इसके लिए टेंडर भी निकाले गए थे। जिले में 10 एजेंसियों का चयन होना था, लेकिन अब तक यहां एक भी एजेंसी का निर्धारण नहीं हो सका है। लिहाजा ऑपरेशन त्रिनेत्र का काम लटक गया है। हालांकि अधिकारी एजेंसी तय होने का दावा कर रहे हैं।
गांवों में किसी भी तरह की गतिविधि पर नजर रखने के लिए छह माह पहले शासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश जारी किया था। कहा गया था कि कैमरों की आपूर्ति के लिए जिले में 10 एजेंसियों का निर्धारण किया जाए। शासन के आदेश के बाद जिले में इसकी कवायद तेज हुई। कैमरे लगवाने के लिए एजेंसी तय करने को टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। इसके तहत 10 एजेंसी तय की जानी थीं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अब तक जिले में एक भी एजेंसी तय नहीं हो सकी है। इसके चलते गांवों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि एजेंसियां तय हो गई है।
प्रत्येक गांव में लगेंगे पांच से 10 सीसीटीवी कैमरे
गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए कोई संख्या निर्धारित नहीं है। गांव की आबादी के अनुसार प्रधान कैमरे लगवा सकते हैं। जरूरत के अनुसार पांच या अधिक से अधिक 10 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकते हैं। कैमरे गांव के सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर लगाए जाएंगे। नियंत्रण कक्ष पंचायत घर में बनाया जाएगा।
सीसीटीवी के लिए एजेंसी निर्धारण की प्रक्रिया पूरी गई है। अब पंचायतों को इन्हीं एजेंसी से कैमरे खरीदकर लगवाने हैं। इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। - सतीश कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी