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Pilibhit News: गलत इलाज से गई डेढ़ साल के बच्चे की आंखों की रोशनी

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पूरनपुर। निजी चिकित्सक के गलत इलाज से डेढ़ साल के बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर निजी चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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मोहल्ला खानकाह निवासी याकूब की पत्नी रुबीना बी ने बताया कि उसके पति ने डेढ़ साल के पुत्र मोहम्मद अली को बुखार आने पर नगर के माधोटांडा रोड स्थित माइशा चाइल्ड सेंटर पर 28 सितंबर 2023 को चिकित्सक मुश्ताक अली को दिखाया था। चिकित्सक मुश्ताक ने बुखार की दवाई दी। साथ ही आंखों में लालिमा होने पर दिए ड्रॉप की दो बूंदें चिकित्सक के परामर्श पर डालीं।
आरोप है कि आंखों की लालिमा सही होने की जगह उसके पुत्र को दोनों आंखों से दिखाई देना बंद हो गया। तब चिकित्सक मुश्ताक अली को दोबारा दिखाने पर उन्होंने पुत्र को पीलीभीत दिखाने को कहा।
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पीलीभीत के चिकित्सक ने चिकित्सक मुश्ताक की ओर से दिए एक ड्रॉप को गलत बताते हुए उक्त ड्रॉप 20 साल से ऊपर आयु के लोगों के लिए बताया। इसके बाद बरेली और दिल्ली में पुत्र का इलाज कराया, लेकिन पुत्र की आंखों की रोशनी नहीं लौटी। रुबीना ने बताया कि चिकित्सक की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की।



तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी अनिकेत गंगवार ने नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच कराने का परामर्श दिया। 24 नवंबर को सीएमओ कार्यालय से फोन आने पर बच्चे को लेकर वहां पहुंचे। आरोप है कि नेत्र चिकित्सक ने शिकायत की सही से जांच न कर आग बबूला हो गए और दिल्ली की जांच रिपोर्ट मांगी। कोतवाल राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रुबीना की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।


जानलेवा हमले और छेड़खानी करने की रिपोर्ट तीन माह बाद दर्ज
बीसलपुर। कोर्ट के आदेश पर दियोरिया कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को तीन माह बाद घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और छेड़खानी के मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की एक विवाहिता ने बताया कि दो जुलाई 2024 की शाम सात बजे गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के तहत उनके घर में घुसकर बलवा करते हुए गाली गलौज की थी। मना करने पर उन लोगों ने लाठी डंडों से पीटा, अश्लील हरकतें कीं। उनका पुत्र जब उन्हें बचाने आया तो उन लोगों ने उसका सिर डंडे से फोड़ दिया।
विवाहिता का कहना है कि उसने उसी समय पुलिस में हमलावरों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब उसने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल प्रदीप बिश्नोई ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट में गांव के ही पांच को नामजद किया गया है। संवाद
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