पीलीभीत। सीएमओ कार्यालय परिसर में बन रहे औषधि भंडार (ड्रग वेयर हाउस) निर्माण में पुरानी ईंटे खपाई जा रही हैं। अब तक 10 हजार से अधिक ईंटों को लगाकर उन पर प्लास्टर करा दिया गया है, ताकि हकीकत पता न चल सके। सीएमओ ने मामले में कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया है।
दवाओं को स्टोर करने के लिए सीएमओ कार्यालय परिसर में ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने अगस्त, 2023 में यहां निर्माण शुरू कर दिया। काम अगस्त 2024 तक पूरा होना है। निर्माण के लिए करीब 5.90 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। मौजूदा समय में 20 फीसदी से अधिक निर्माण हो चुका है। निर्माण की प्रगति काफी तेज है। निर्माण के दौरान पुरानी ईंटे लगने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि करीब दस हजार पुरानी ईंटें लगा दी गई। घपलेबाजी किसी के पकड़ में न आए इसलिए उस पर प्लास्टर करा दिया। यह हाल तब है, जबकि इसी कैंपस में सीएमओ कार्यालय है। घपलेबाजी का यह मामला सीएमओ के पास पहुंचा। सीएमओ आलोक शर्मा ने कार्यदायी संस्था व ठेकेदार को नोटिस जारी करते हुए निर्माण में सुधार की चेतावनी दी है। साथ ही उच्चाधिकारियों को भी मामले की रिपोर्ट भेजी है।
जर्जर हो गया था पुराना भवन
तहसील के पास स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में पुराना ड्रग वेयर हाउस था, जिसका भवन काफी जर्जर हो चुका था। बरसात के समय पानी टपकता था। इसकी वजह से दवाएं खराब हो जाती थीं। इसलिए नए ड्रग हाउस निर्माण शुरू कराया गया। सूत्रों की मानें तो पुराने भवन में जो ईंटे निकली हैं, वहीं ईंटें नए निर्माण में खपाई जा रही हैं।
वेयर हाउस के निर्माण में पुरानी ईंट लगाए जाने के मामले की शिकायत मिली है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को नोटिस जारी करते हुए निर्माण में सुधार की चेतावनी दी गई है। -डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ