हरदोई ब्रांच नहर के 13 मील के समीप नहर पटरी पर बैठा बाघ।
पूरनपुर। कई दिनों से जंगल से सटे गांवों में चहलकदमी कर रहा बाघ शुक्रवार शाम हरदोई ब्रांच नहर की पटरी पर आ गया। बाघ देखकर लोगों ने शोर मचाया तो वह झाड़ियों में छिप गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम से लोगों की नोकझोंक हुई। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि कई दिन से बाघ की चहलकदमी के बाद भी उसे जंगल में खदेड़ने की कोशिश नहीं की जा रही है। इसके बाद वहां पिंजरा लगा दिया गया।
बाघ के आने की सूचना पर विधायक बाबूराम पासवान के बेटे ऋतुराज मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को बमुश्किल शांत किया। रात को हरदोई ब्रांच नहर पटरी से आवागमन रोक दिया गया। शनिवार सुबह झाड़ियों से निकलकर बाघ फिर से नहर पटरी पर आकर बैठ गया। कुछ लोगों ने बाघ की फोटो खींचकर और वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके बाद बाघ को पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगा दिया गया। बाघ की चहलकदमी से क्षेत्र के लोग दहशत में है।
20 दिन पहले मनहरिया गांव पहुंच गया था बाघ
करीब 20 दिन पहले बाघ गांव मनहरिया पहुंच गया था। लोगों ने शोर मचाकर बाघ को खदेड़ दिया था। इसके बाद भी बाघ कई दिन तक गांव के आसपास चहलकदमी करता रहा। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया गया। बाद में वन विभाग के अफसरों ने बाघ के जंगल में चले जाने का तर्क देकर पिंजरा हटा लिया। बृहस्पतिवार को बाघ गांव उदयकरनपुर के समीप खेतों में देखा गया।
रेंजर बोले- लगातार कर रहे निगरानी नहर पटरी पर बाघ देखें जाने की सूचना पर वन एवं वन्य प्रभाग की टीमें पहुंचीं तो लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। पीटीआर के एसडीओ भी मौके पर पहुंच गए। कई दिन से बाघ की चहलकदमी के बावजूद उसे जंगल में खदेड़ने या पकड़ने की कोशिश न करने का ग्रामीणों ने आरोप लगाया तो उनकी वनकर्मियों से नोकझोंक हो गई। वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभारी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि बाघ की निगरानी के लिए टीमेंं लगी हैं। पिंजरे भी लगवा दिए हैं। लगातार निगरानी की जा रही है।
हरदोई ब्रांच नहर के 13 मील के समीप नहर पटरी पर बैठा बाघ।
हरदोई ब्रांच नहर के 13 मील के समीप नहर पटरी पर बैठा बाघ।