मदरसों के नाम पर खेल नहीं चलेगा। शासन के निर्देश पर मदरसों का डाटा मदरसा बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए 15 सितंबर तक सभी सूचनाएं अपलोड कराने के निर्देश मदरसा संचालकों को दिए गए हैं। मदरसा संचालन के नाम पर अब तक संचालक फर्जी आंकड़े प्रस्तुत कर सरकारी धन का गोलमाल कर रहे थे। भवन, स्टाफ की संख्या गलत आंकड़ेबाजी के साथ ही छात्रों की संख्या में भी खेल चल रहा था, लेकिन अब शासन ने इस खेल पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। शासन ने निर्देश पर मदरसा संचालकों को सभी सूचनाएं जैसे स्टाफ की संख्या, छात्र संख्या, कर्मचारियों की संख्या, मदरसा भवन, यदि किराए का भवन है तो किरायानामा की प्रति आदि मदरसा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। मदरसों की सूचनाएं ऑनलाइन जाने पर किसी भी मदरसे की स्थिति को कंप्यूटर पर देखा जा सकेगा। शासन से इसके लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार बताया कि शासन के निर्देश पर सभी मान्यता प्राप्त 262 मदरसों को इसकी सूचना भेजकर मांगी गई, जानकारियों समय से अपलोड कराने के निर्देश कर दिए गए हैं। 15 सितंबर तक दर्ज सूचनाओं को जांच के बाद 30 सितंबर को स्वीकृत कर लॉक किया जाएगा। उन्होंने बताया वेबसाइट लॉक होने के बाद सूचना में किसी प्रकार का बदलाव संभव नही होगा। इसलिए सभी संचालकों को सही सूचनाएं ही लोड कराने के निर्देश दिए हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि इसके लिए मदरसा संचालकों को डाटा अपलोड करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।