अब सेटेलाइट से मिल रही आग लगने की सूचना
जिले के किसी भी स्थान पर आग लगने की घटनाओं को अब छिपाया नहीं जा सकेगा। जंगल अथवा इसके बाहर किसी स्थान पर आग लगने की सूचना अब सेटेलाइट के माध्यम से वन विभाग को प्राप्त हो जाती है। आग लगने के दो चार घंटे बाद ही डीएफओ के मोबाइल पर जीपीएस रीडिंग सहित मैसेज आ जाता है। जंगल अथवा इसके बाहर होने वाली आग की छोटी छोटी घटनाओं पर नियंत्रण कर अभी तक अधिकारी कर्मचारी आसानी से छिपा जाते थे। वहीं आग की बड़ी घटनाओं की जानकारी देरी से मिलने पर नियंत्रण मुश्किल हो जाता था। मैदानी क्षेत्र की अपेक्षा जंगल में आग लगने की दशा में उसका सही समय पर पता लगाना मुश्किल भी होता था। इसके लिए अब वन विभाग के देहरादून स्थित एफएसआई (फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया) ने सेटेलाइट के माध्यम से आग का पता लगने का सिस्टम लागू किया है। इसके तहत जंगल अथवा इसके बाहर आग लगने पर सेटेलाइट के माध्यम से एफएसआई को मिलती हैं जहां से साफ्टवेयर के माध्यम से संबंधित डीएफओ, वन संरक्षक एवं अन्य वन अधिकारियों को मोबाइल पर भेज दी जाती है। मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से मिली आग की इस सूचना में आग लगने का समय और उसके स्थान की पहचान के लिए जीपीएस रीडिंग भी मौजूद रहती है। हालांकि इस प्रक्रिया में दो से चार घंटे लग जाते हैं लेकिन कुछ समय बाद ही अधिकारियों को आग के बारे में जानकारी तो मिल ही जाती है जिसपर वह संबंधित क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारी से जानकारी कर सही स्थिति का पता लगा सकते हैं।