नहीं घूमी घंटाघर की सुईयां, ठेकेदार को नोटिस
पालिका प्रशासन के प्रयास के बाद भी घंटाघर की सुईयां नहीं घूमीं। करीब डेढ़ साल से ठेकेदार की चल रही ना नुकर के बाद अब पालिका प्रशासन ने उसे अंतिम नोटिस जारी किया है। यदि अंतिम नोटिस का जवाब नहीं मिलता है तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करते हुए उसकी जमानत राशि जब्त की जाएगी। शहर में ब्रिटिश काल के दौरान कई संपत्तियों का निर्माण कराया गया था। इसमें एक घंटाघर भी शामिल था। करीब ढाई दशक पूर्व यह घंटाघर तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गया। नौ वर्ष पूर्व इस घंटाघर की मरम्मत कराई गई, लेकिन कुछ मिनट चलने के बाद यह पुन: ठप हो गया। जिसके बाद यहां लगी कुछ मशीनें भी चोरी हो गई और आसपास के दुकानदारों ने इसमें सामान रखना भी शुरू कर दिया। करीब दो साल पहले शहरवासियों की मांग पर चेयरमैन प्रभात जायसवाल ने कई साल से ठप पड़े घंटाघर को पुन: शुरू कराने का बीड़ा उठाया। इसके बाद घंटाघर में अवैध तरीके से रखे गए सामान को हटवाकर साफ सफाई कराने के साथ रंगाई पुताई भी कराई गई। इधर ठप पड़े घंटाघर को पुन: चालू कराने को पालिका प्रशासन द्वारा बरेली की फर्म शब्बन संस को 3.25 लाख में ठेका दिया। शुरुआती दौर में ठेकेदार ने घंटाघर में कुछ काम किया, लेकिन उसके बाद गायब हो गया। जिस पर पालिका प्रशासन ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया। जिस पर ठेकेदार ने परिवार के सदस्य के बीमार होने की बात कहते हुए जल्द आने की बात कही, लेकिन ठेकेदार आज तक नहीं पहुंचा। चेयरमैन प्रभात जायसवाल ने बताया कि ठेकेदार को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित तिथि तक ठेकेदार नहीं आता है तो उसे ब्लैक लिस्ट करते हुए उसकी जमानत राशि जब्त की जाएगी।