संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। नगर पालिका प्रशासन ने आउटसोर्स से रखे गए 11 पंप ऑपरेटरों को बिना किसी शिकायत और आरोप के हटा दिया। ऑपरेटरों ने मामले की शिकायत डीएम से की है। ठेकेदार, जलकल प्रभारी व पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शहर में संचालित पंपों पर आउटसोर्स के माध्यम से 17 ऑपरेटरों को लगाया गया था। इसमें कुछ ऑपरेटरों वर्ष 2009 तो कुछ 2014 में तैनात किए गए थे। डीएम को दिए गए पत्र में आउटसोर्स कर्मियों का कहना है कि उनसे 10 से 12 घंटे पंप चलाने का काम लिया जा रहा था। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन बजे जलकल प्रभारी और ठेकेदार ने उनको कार्यालय में बुलाया। बुलाने के बाद 11 लोगों से कहा कि सभी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
नूर मोहम्मद, मोहम्मद हामिद, विनोद कुमार, अबरार, विनय कुमार, ऋषभ सक्सेना, रोहन सक्सेना, सूरज कुमार, विजय कुमार, विनोद कुमार और रोहित कुमार का आरोप है कि उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। आरोप है कि उनका डेढ़ माह से मानदेय भी नहीं दिया गया। यही नहीं उनको नियमानुसार 12 हजार रुपये प्रति माह मिलना चाहिए था लेकिन सात से आठ हजार रुपये ही दिए गए। इन लोगों का कहना है कि इस तरह सेवा समाप्त हो जाने से परिवार चलाने की समस्या खड़ी हो गई है।
-
ऑपरेटरों का आरोप-अपनो को रखने के लिए उन्हें निकाला गया
नगर पालिका परिषद में अपनों को लगाने का खेल खेला जा रहा है। किसी को रखने के लिए रिक्त स्थान बनाने के लिए किसी को भी निकाल दिया जाता है। सेवा समाप्त होने से नाराज ऑपरेटरों का भी आरोप था कि ठेकेदार अपने लोगों को रखना चाह रहा है। इसी के चलते 17 में 11 पंप ऑपरेटरों की सेवा समाप्त की गई। इन लोगों ने इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
00
हटाए गए लोगों को पूर्व में कई बार चेतावनी दी गई थी। काम में सुधार न होने पर हटाया गया है। मानदेय भी नियमानुसार ही दिया जा रहा है।
- डॉ. आस्था अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष
-
मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसे तो किसी को नहीं हटाया जा सकता। शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।
- ऋतु पूनिया, अपर जिलाधिकारी