बाइफरकेशन जंगल में पहुंचा नेपाली हाथी की निगरानी में जुटे वनकर्मी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
कलीनगर। नेपाल के हाथियों ने टाइगर रिजर्व के जंगल में सक्रियता बढ़ा दी है। झुंड के हरीपुर रेंज से गुजरने के दौरान सोमवार की रात एक हाथी भटककर बराही रेंज के जंगल में पहुंच गया। जानकारी लगते ही रेंज का स्टाफ सतर्क हो गया। हाथी के बाइफरकेशन बीट के जंगल तक चहलकदमी करने के पगचिह्न मिले हैं। उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए 15 वनकर्मियों को लगाया गया है।
पिछले दिनों नेपाल के कुछ हाथी हरीपुर रेंज के जंगल में पहुंच गए। जंगल से बाहर निकलकर इन हाथियों ने गन्ने की फसलों को भी उजाड़ा था। सोमवार रात झुंड में से एक हाथी नवदिया बीट से भटककर बराही रेंज में पहुंच गया। तब तक वनकर्मियों को भनक नहीं लग सकी, लेकिन जब हाथी यहां से आगे बढ़कर बाइफरकेशन बीट के जंगल में स्थित सबसीडरी हरदोई ब्रांच नहर के निकट पहुंचा तो वनकर्मियों को पता चला। रेंज अफसर को इसकी जानकारी दी गई।
बराही और बाइफरकेशन बीट के वन दरोगा के नेतृत्व में 15 वनकर्मियों की टीम ने निगरानी शुरू कर दी है। यहां बता दें कि भारत नेपाल की सीमा खुली हुई है। दोनों देशों के वन्यजीव एक दूसरे की सीमा में खुले रूप से विचरण करते हैं। बराही रेंज के शारदा नदी के पार स्थित लग्गा-भग्गा का इलाका हाथियों का कॉरिडोर माना जाता है। दशकों पूर्व से हाथी इस इलाके में विचरण करते आ रहे हैं। हालांकि नदी के इस पार टाइगर रिजर्व के बड़े जंगल में हाथियों की दस्तक खतरे की निशानी मानी जाती है।
बराही रेंज में एक हाथी की दस्तक हुई है। जानकारी के बाद वनकर्मियों को सतर्क कर निगरानी पर लगाया गया है। कई टीमें जंगल में हाथी पर नजर रखे हुए हैं। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर