पीलीभीत। मानसून की सक्रियता के साथ ही जिले में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने शनिवार को अपने आवास पर सिंचाई विभाग एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ बाढ़ से बचाव एवं सुरक्षा के कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। कहा, बाढ़ कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्यमंत्री ने कहा कि स्परों की मरम्मत और निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना चाहिए, ताकि नदियों का जलस्तर बढ़ने पर जनहानि को रोका जा सके। बाढ़ सुरक्षा एवं बचाव कार्यों के लिए यदि कोई नए प्रस्ताव हों, तो कार्य योजना बनाकर दें ताकि शासन स्तर से प्रस्तावित कार्य योजनाओं को मंजूरी दिलाई जा सके।
अधिकारियों ने बताया की ड्यूनी बैराज एवं डीवी फिटर को बाईपास होने से बचाने के लिए स्पर संख्या सात को टी-स्पर में परिवर्तित किया गया है। इससे क्षेत्र के लगभग 10 गांवों की पांच हजार आबादी को सुरक्षा प्रदान होगी। बैठक में नदियों का जल स्तर बढ़ने पर सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों ने कराए गए कार्यों की जानकारी दी। बैठक में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शैलेश कुमार, सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी नंद लाल आर्या आदि मौजूद रहे।