विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस की व्यस्तता बढ़ने के साथ ही पूर्व में घटित संगीन वारदातों पर कार्रवाई ठप पड़ गई है। कई मामलों में सुराग मिलने के बाद भी खुलासे पर काम नहीं हो रहा है। वैसे तो घटनाओं को समय के साथ भुलाने में पुलिस महकमा अलग पहचान रखता है। पब्लिक का विरोध एवं अफसरों की निगाह हटते ही मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। वर्तमान में विधान सभा चुनाव 2017 को सकुशल निपटाने की तैयारी पुलिस की प्राथमिकता है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, मतदान की तिथि भी नजदीक आ गई है। इसे लेकर आए दिन पुलिस की व्यस्तता बढ़ती जा रही है। नतीजतन चोरी, लूट, हत्या जैसी वारदातों के खुलासे प्रभावित हुए हैं। रिक्शा चालक नन्हेलाल की हत्या का मामला हो या फिर सर्राफा दुकान से चोरी, दोनों ही मामलों में पुलिस ने सुराग मिलने के साथ जल्द वर्कआउट का दावा भी किया, लेकिन चुनावी व्यस्तता के चलते प्राप्त सुराग पर भी कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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वर्कआउट के इंतजार में प्रमुख घटनाएं
- कोतवाली क्षेत्र के जेपी रोड स्थित सर्राफा दुकान से आठ लाख की चोरी।
- मझोला के फार्मर के बंद मकान से आठ लाख की चोरी।
- अमरिया में पेट्रोल पंप मालिक से 80 हजार की लूट।
- सुनगढ़ी क्षेत्र में पूरनपुर रोड पर किसान को बंधक बनाकर हुई ट्रैक्टर लूट।
- सुनगढ़ी में पूर्व जिपंस पति को कार में बंधक बनाकर लूटने का मामला।
- बीसलपुर के खरगापुर गांव का किशोरी मायादेवी हत्याकांड।
- गजरौला के दियूरी गौटिया निवासी रिक्शा चालक नन्हेलाल हत्याकांड।
- गजरौला के सराय गांव का महेंद्र हत्याकांड।
चुनाव को लेकर पुलिस की व्यस्तता बढ़ी है। इसका कुछ असर पड़ा है। चुनाव के साथ ही वारदातों के खुलासे पर भी काम जारी है, जल्द परिणाम सामने आएंगे।
- अनुराग दर्शन, सीओ सिटी