बीसलपुर। पूर्व प्रधान कृष्णपाल के शव का अंतिम संस्कार करने से परिजनों ने पुलिस से साफ इन्कार कर दिया। उनकी मांग थी कि जब तक भागे हुए तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक अंत्येष्टि नहीं करेंगे। पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने परिजनों को समझाया। इधर, पुलिस ने भी मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार हो सका। तनाव को दखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
बरखड़ी गांव में 17 अगस्त को दो पक्षों के बीच चुनावी रंजिश को लेकर हुए खूनी संघर्ष में पूर्व प्रधान कृष्णपाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि दूसरे पक्ष के अधिवक्ता ओमपाल ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर कृष्णपाल पर धारदार हथियारों से हमला किया था। पुलिस ने अधिवक्ता ओमपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
घायल कृष्णपाल को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां मंगलवार रात को उनकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर शाम शव गांव लाया गया। बृहस्पतिवार सुबह शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार के बाद पुलिस हाथ-पैर फूल गए। परिजनों की मांग थी कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामला हत्या की धारा में दर्ज किया जाए, जबकि पुलिस गैरइरादतन हत्या की धारा 304 में मुकदमा तरमीम करना चाह रही थी।
काफी देर तक नोकझोंके के बाद सीओ मनोज यादव ने बताया कि मुकदमे में धारा 302 लगा दी गई है, इसलिए अब अंतिम संस्कार कर दें। लेकिन वे फिर भी परिवार वाले नहीं माने और तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सुबह 11 बजे तक पुलिस अधिकारी और परिजनों के बीच वार्ता होती रही। लेकिन वे शव का अंतिम संस्कार करने को राजी नहीं हुए। इसके बाद 11:15 बजे पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घर वालों से और बाद में पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद पूर्व मंत्री ने परिवार वालों को आश्वासन दिया कि जल्द ही भागे हुए तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। इसके बाद परिजन मान गए और करीब साढ़े 12 बजे शव यात्रा निकली। दोपहर करीब एक बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया। कृष्णपाल के पुत्र दीपक वर्मा ने मुखाग्नि दी।
गांव में कई थानों की पुलिस रही तैनात
गांव में तनाव को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सुबह छह बजे कोतवाल प्रवीन कुमार कोतवाली के स्टाफ के साथ पहुंच गए। साढ़े छह बजे सीओ मनोज यादव भी गांव पहुंच गए। एक घंटे बाद बिलसंडा एसओ अचल कुमार, दियोरिया एसओ रामसेवक, सदर कोतवाली से इंस्पेक्टर नरेश त्यागी, बरखेड़ा एसओ उदयवीर सिंह और पुलिस लाइन से फोर्स गांव में तैनात कर दिया गया। आरोपियों के घरों के बाहर भी पुलिस तैनात रही।
अंतिम संस्कार में पहुंचे तमाम लोग
पूर्व प्रधान कृष्णपाल के अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा, सहकरी गन्ना विकास समिति के पूर्व संचालक धर्मपाल वर्मा, अबंतीबाई महासभा के वरिष्ठ नेता हरपाल लोधी, गुलैंदा के प्रधान रामप्रकाश वर्मा, खानपुर वीरमपुर के पूर्व प्रधान छेदालाल, धनगवां के पूर्व प्रधान रामचंद्रलाल, बरखेड़ा यासीन के पूर्व प्रधान धर्मपाल, बरेली के गांव मटकापुर स्थित आश्रम के महंत बाबा योगी ओमनाथ, बरखड़ा आश्रम के महंत तूफानपुरी, जिला न्यायालय के अधिवक्ता विद्याराम वर्मा और मनोज वर्मा आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
मामले में नामजद अधिवक्ता ओमपाल का पुत्र दिनेश, भतीजा विजय व एक अन्य हरिपाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। हालांकि आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। पुलिस भी जान चुकी है कि अगर जल्द ही आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो मामला और तूल पकड़ सकता है।