बीसलपुर। उद्यान विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते तहसील क्षेत्र में 100 से अधिक पौधशालाएं बिना लाइसेंस चल रही हैं। लोगों को इन पौधशालाओं में हाईब्रिड नर्सरी के नाम पर लूटा जा रहा है।
नगर में उद्यान विभाग की भी पौधशाला है। इसमें लगभग सभी प्रजातियों के पौधे सरकारी दर पर उपलब्ध हैं। उद्यान विभाग के नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति निर्धारित मानक और औपचारिकताएं पूरी कर नर्सरी संचालित कर सकता है, लेकिन तहसील क्षेत्र में 100 से ज्यादा पौधशालाएं अवैध रूप से चल रही हैं।
इन पौधशालाओं का न तो कोई नाम है और न ही उपलब्ध पौधों की प्रजातियां, कीमत आदि का कोई विवरण दर्ज है। पौधे खरीदने वालों का भी कोई ब्योरा दर्ज नहीं किया जाता है। नियमानुसार पौधशाला से पौधे खरीदने वाले ग्राहक का पूरा विवरण और मोबाइल फोन नंबर सहित दर्ज किया जाना चाहिए। सर्वाधिक अवैध पौधशालाएं बीसलपुर, बिलसंडा और बरखेड़ा कस्बे में संचालित हैं।
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इन गांवों में भी हैं अवैध पौधशालाएं
ईंटगांव, टिकरी, जोगीठेर, मधवापुर, ज्योरह कल्याणपुर, दौलतपुर पट्टी, पिपरिया मंडन, बमरोली, अकबराबाद, आजमपुर बरखेड़ा, नौगवां संतोष, घुंघचईया, मानपुर, भीकमपुर आदि।
पौधशाला संचालित करने के ये हैं नियम
- पौधशाला के लिए जिला उद्यान अधिकारी से लाइसेंस लेना होता है।
- पौधशाला के बाहर बोर्ड पर उपलब्ध पौधों का प्रजाति सहित विवरण दर्ज होना चाहिए।
- बोर्ड पर पौधों की कीमत भी दर्ज होनी चाहिए।
- केवल उद्यान विभाग से अनुमन्य प्रजाति के पौधों की ही बिक्री की जा सकती है।
- हर साल लाइसेंस को नवीनीकरण कराना होता है।
तैयार हो रही सूची
राजकीय पौधशाला के प्रभारी रामेश्वर दयाल गंगवार ने बताया कि अवैध पौधशालाओं की सूची तैयार कराई जा रही है। अब तक 50 पौधशालाओं के अवैध होने की जानकारी मिल चुकी है। सूची तैयार होने के बाद कार्रवाई के लिए जिला उद्यान अधिकारी को भेजी जाएगी।