शहर के गैंस चौराहे से मोहल्ला तुलाराम जाने वाले मार्ग पर स्थित नाले में भरा कूड़ा । संवाद
पीलीभीत। मानसून सिर पर है, लेकिन नगर पालिका की सुस्ती के चलते महज 70 फीसदी नाले-नालियों की सफाई का काम ही पूरा हो सका है। ऐसे में शहरवासियों को हर साल की तरह इस बार भी जलमग्न सड़कों से ही गुजरना पड़ेगा। वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है, कि काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
बीते कई सालों से नाला सफाई होने के बाद भी शहर के आधे हिस्से में जलभराव रहता है। इस बार मानसून से पहले नगरपालिका नालों की तलीझाड़ सफाई का दावा कर रही है। शहर में 38 नाले निकलते हैं। इनमें छह नाले बड़े तो 32 छोटे हैं। इन छह नालों में तीन नालों का पानी देवहा नदी में गिरने वाले नाले में जाता है।
इनकी सफाई का जिम्मा नगरपालिका पर है। इस बार भी मानसून आने से चंद दिन पहले नगरपालिका की ओर से नालों का टेंडर निकाला गया। यह टेंडर ग्लैक्सी इंटरप्राइजेज फर्म को दिया गया है। नाला सफाई करने के लिए नगरपालिका की ओर से 27 लाख रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है।
टेंडर होने के बाद ठेकेदार ने नालोंं की सफाई शुरू कर दी है। तीन बड़े नालों में से एक का ही काम पूरा किया जा सका है। जबकि अन्य छोटे नालों में सफाई का काम जारी है। जिस गति से काम चल रहा है उससे साफ जाहिर है कि इस बार भी शहर वासियों को जलमग्न सड़कों से होकर ही गुजरना पड़ेगा।
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नाला सफाई का काम कराया जा रहा है। ठेकेदार द्वारा लगभग 70 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। जल्द ही शेष नाला-नालियों की सफाई को भी पूरा कर लिया जाएगा।
- लालचंद भारती, ईओ नगर पालिका