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Pilibhit News: मानसून सिर पर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब शुरू हुए कार्य

Thu, 27 Jun 2024 07:10 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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रमनगरा क्षेत्र में शारदा नदी के किनारे रेत भरकर लगाए जा रहे कट्टे। संवाद
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कलीनगर। बरसात के दौरान तहसील क्षेत्र का एक बढ़ा भू भाग हर साल शारदा नदी की बाढ़ की जद में रहता है। इन इलाकों को सुरक्षित रखने के दावों के बीच सिंचाई विभाग की ओर से साल भर कोई कार्य नहीं कराए गए। अब जब मानसून सिर पर आ गया तो तीन दिन पूर्व रमनगरा भुजिया में अस्थाई कार्य शुरू कराए गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
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उत्तराखंड और नेपाल सीमा से सटे इलाके में हर साल बरसात के दौरान शारदा नदी अपना विकराल रूप दिखाकर तबाही मचाती है। इस इलाके में बंदरभोज, बूंदीभूड़, नौजल्हा, गभिया सहराई, नगरिया खुर्द कलां, गुन्हान, रमनगरा भुजिया, बिजौरी कलां समेत गांव की सीमा में नदी का खतरा बढ़ जाता है। पिछले साल बाढ़ ने कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया था।
इसमें रमनगरा भुजिया क्षेत्र भी शामिल था। बरसात के समय निकलने के बाद पूरे वर्ष सिंचाई विभाग के अभियंता बजट का रोना रोकर खाली हाथ बैठे रहे। शारदा नदी के भीतरी हिस्सों में जहां कार्य कराया जाना था, उन क्षेत्रों में कोई कार्य नहीं हुए, लेकिन मानसून सिर पर आने के बाद बाढ़ खंड की ओर से बचाव कार्य के नाम पर औपचारिकताएं निभानी शुरू की गई हैं।
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शारदा नदी के खतरे को भांपते हुए बाढ़ खंड की ओर से तीन दिन पूर्व रमनगरा भुजिया व नगरिया कट के निकट अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू कराए गए हैं। जेसीबी की मदद से चार मजदूरों को लगाकर पूर्व से बने बांध को ऊंचा करने का काम शुरू किया गया है। कट्टों में रेत भरकर लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्य से नदी के कटान को नहीं रोका जा सकता है। आरोप है कि सिंचाई विभाग के अभियंता निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अफसरों को गुमराह कर कटान वाले स्थान से दूर रखते हैं।

शारदा सागर खंड ने भी निभाईं औपचारिकताएं
सिंचाई विभाग की शारदा सागर खंड डिवीजन का भी यही हाल है। शारदा डैम को सुरक्षित रखने के लिए शारदा नदी के दाएं किनारे पर बने सनेडी तटबंध के भीतरी हिस्से में पत्थर की जो विशाल ठोकरें बनी थी। पूर्व में इन ठोकरों के अधिकांश भाग क्षतिग्रस्त हो गए थे। इन ठोकरों को मजबूत करने के लिए बोरों में सिल्ट भरकर मजबूती देने की कोशिश तो की गई।
इसके अलावा शारदा डैम और शारदा नदी के खतरे को रोकने के लिए बनाए गए तटबंध की चौड़ाई बढ़ाने की योजना बनाई थी। इसके लिए करोड़ों रुपए के प्रस्ताव को मंजूर कराया गया। पूरे साल काम शुरू नहीं किए गए। अब बरसात नजदीक आई तो एक माह पूर्व कार्य की शुरुआत की गई।

रमनगरा भुजिया और नगरिया कट के निकट जंगल की भुजिया क्षेत्र में नदी के किनारे के क्षेत्र में कुछ अस्थाई कार्य कराया जा रहा है। इस इलाके के लिए कोई प्रोजेक्ट मंजूर नहीं है। यदि नदी का कटान होता है तो जरूरी कार्य कराए जाएंगे।
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- ध्रुव नारायण, सहायक अभियंता, बाढ खंड
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