सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एसपी देवरंजन वर्मा की ओर बनाए गए मॉडल ऑफ बीट सिस्टम की शुरूआत पूरनपुर कोतवाली से कर दी गई है। अब हल्का और बीट नंबर से नहीं, बल्कि क्षेत्र के प्रमुख गांव के नाम से जाने जाएंगे। हल्का इंचार्ज और बीट आरक्षी को सीयूजी नंबर दिए जाएंगे। सफलता मिलने पर इसको समूचे जिले में लागू कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। मॉडल ऑफ बीट सिस्टम के शुभारंभ पर एसपी देवरंजन वर्मा ने मंगलवार दोपहर कोतवाली पहुंचकर पुलिस कर्मियों संग बैठक की। इसके बाद प्रेसवार्ता आयोजित कर सिस्टम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रचलित बीट व्यवस्था मात्र कागजी खानापूर्ति होकर रह गई थी। बीट का लेखाजोखा तो रहता था, लेकिन बीट आरक्षी के स्थानांतरण पर आरक्षी अभिलेखों को अपने साथ ले जाते थे। ऐसे में अब बीट और हल्का रजिस्टर स्थाई होगा। जिसमें सारी जानकारी अंकित रहेगी। स्थानांतरण होने पर आने वाले हल्का इंचार्ज और बीट आरक्षी को असुविधा नहीं होगी। हल्का के साथ अब बीट आरक्षियों को भी सीयूजी नंबर दिए जाएंगे। ताकि क्षेत्र में हुई घटना की जानकारी संबंधित पुलिसकर्मी को सीधे मिल सके। हल्का इंचार्ज/ बीट आरक्षी का स्थानांतरण होने पर सीयूजी सिम, अभिलेख को संबंधित थाने में जमा करना होगा। जिसको उसके स्थान पर आए पुलिसकर्मी को दे दिया जाएगा। यह भी बताया कि हल्का और बीट नंबर के आधार पर न होकर प्रमुख गांव के नाम से होंगे।