पीलीभीत। चार साल पहले लाखों खर्च कर बनाए गए गांधी स्टेडियम का जिम लोगों से गुलजार नहीं हो पाया। फीस अधिक होने व महिला ट्रेनर नहीं होने के चलते युवक व युवतियों ने गांधी स्टेडियम के जिम में दिलचस्पी नहीं दिखाई। नतीजा यह है कि वर्तमान में सुबह-शाम में सिर्फ 15 लोग ही जिम का लाभ ले रहे हैं, जिससे पुरुष ट्रेनर के वेतन सहित जिम के खर्चे निकालना तक मुश्किल साबित हो रहा है। युवाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए लगभग चार साल पहले शहर के गांधी स्टेडियम में खेल निदेशालय ने 50 लाख खर्च कर आधुनिक मशीनों से लैस जिम का संचालन शुरू किया। शुरुआत में तो लोगो ने दिलचस्वी दिखाई व पंजीकरण भी कराया, लेकिन लगभग दो साल तक जिम में महिला ट्रेनर नहीं होने के चलते युवतियों ने जिम छोड़ दिया। वहीं, सरकारी जिम में सेवाएं तो बेहतर मिली, लेकिन शुल्क में 800 रुपये लोगों को अधिक लगे। इसके चलते अन्य पुरुषों ने भी जिम छोड़ दिया। हालात वर्तमान में यह है कि जिम में कुल 15 पंजीकरण है। इनसे ट्रेनर का मानदेय तो दूर जिम के रखरखाव का ठीक से खर्चा तक नहीं निकलता है। संवाद