बीसलपुर के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में आयोजित शिविर में मौजूद लोग । संवाद
बीसलपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बृहस्पतिवार को मानसिक रोग चिकित्सा शिविर विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी में ही आयोजित किया गया। इलाज और परामर्श लेने पहुंचे 100 से अधिक मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। शिविर का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक विवेक वर्मा ने किया और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक शर्मा बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। अब अधिकारी इसे महज जागरूकता शिविर का नाम दे रहे हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि शिविरों का आयोजन होते रहने चाहिए। इससे क्षेत्र के मानसिक मरीजों को जिला मुख्यालय पर अनावश्यक रूप से न जाना पड़े। विशिष्ट अतिथि सीएमओ डॉ. शर्मा ने कहा कि मानसिक रोगियों को झोलाछाप के पास नहीं जाना चाहिए। उन्हें जिला अस्पताल में तैनात मानसिक रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
मजे की बात यह कि शिविर में मानसिक रोग, इलाज और बचाव के उपाय बताने के लिए कोई विशेषज्ञ नहीं था। शिविर में 100 से अधिक मानसिक रोगी पहुंचे थे। यहां जिला अस्पताल की मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी को आना था, लेकिन उनके न आने से रोगियों और उनके तीमारदारों को निराश होकर लौटना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि मानसिक रोग विशेषज्ञ को अचानक अवकाश पर जाना पड़ा।
यह शिविर मानसिक रोगियों को जागरूक करने के लिए था। उन्होंने रोगियों को जागरूक किया भी। डॉ. पल्लवी जिले में एकमात्र मानसिक रोग विशेषज्ञ हैं। उनका सभी अस्पतालों में जा पाना संभव नहीं है। - डॉ.आलोक शर्मा, सीएमओ
बीसलपुर के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में आयोजित शिविर में मौजूद लोग । संवाद