वनकटी मार्ग पर बना टाइगर रिजर्व का गेट । फाइल फोटो
पीलीभीत। वनक्षेत्र में कोई भी घटना होने पर अब तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पीटीआर में मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम ग्लोबल टाइगर फोरम, विश्व प्रकृति निधि एवं पीटीआर के सहयोग से स्थापित होगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जब कोई वन्यजीव बाहर आता है या मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना होती है तो इसकी सूचना स्थानीय स्तर पर पहले बाघ मित्र और वॉचर को मिलती है। मौके पर पड़ताल के बाद जानकारी फोन से अधिकारियों को दी जाती है।
अब इस तरह की सूचनाएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचेंगी। इसके लिए पीटीआर में मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। मास्टर कंट्रोल रूम खुल जाने से सूचना पहले सीधे पीटीआर मुख्यालय स्थित मास्टर कंट्रोल रूम पर पहुंचेगी। इसके बाद यह सूचना संबंधित वन अफसरों और कर्मचारियों तक पहुंचेगी।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि सूचना तंत्र को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए पीटीआर में मास्टर कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी। वन एवं वन्यजीव से संबधित सभी सूचनाएं अब एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध हो सकेंगी और इन पर तत्काल एक्शन लिया जा सकेगा।