जिला पंचायत अध्यक्ष पद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पंचायत सदस्यों की पूछ एकबार फिर बढ़ गई है। सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए दोनों ही गुटों ने अपने पक्ष के अधिकांश सदस्यों को दूर दराज के शहरों में सैर सपाटे पर भेज दिया है। जिला पंचायत सदस्य शोभना कुमारी की अगुवाई में 24 अप्रैल को तत्कालीन जिलाधिकारी मासूम अली सरवर को 19 सदस्यों ने शपथ पत्र सौंपा था, जिसमे जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई थी। इस नोटिस के अगले दिन तीन सदस्यों ने तत्कालीन डीएम के समक्ष पेश होकर अपनी आस्था अध्यक्ष आरती महेंद्र में जताते हुए शोभना द्वारा नोटिस के साथ दिए अपने नामों के शपथ पत्र को फर्जी करार दिया था। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रशासन अविश्वास प्रस्ताव के साथ जिन सदस्यों के शपथ पत्र लगे हैं, उनकी परेड अपने सामने करा सकता है। लेकिन नवागत डीएम ने चार्ज संभालने के बाद विधिक राय के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर शक्ति परीक्षण के लिए 22 मई को बैठक बुला ली। जिला जज ने इसके लिए अपर जिला जज पंकज उपाध्याय को नामित भी कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से सभी सदस्यों को सूचना नोटिस के माध्यम से भेज दी गई है। अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के तेज होने के साथ ही दोनों गुटों के लोग भी सक्रिय हो गए हैं। एक गुट के लोगों का प्रयास है कि नियत तिथि पर वह आधे से अधिक संख्या अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में कर लें। दूसरा गुट अविश्वास प्रस्ताव गिराने को प्रयासरत है। इस रस्साकसी में दोनों ही गुट एक दूसरे के पक्ष के सदस्यों को तोड़ने में लगे हैं। सूत्र बताते हैं कि दोनों ही खेमे के लोग अपने-अपने पक्ष के सदस्यों को दूरदराज के शहरों में सैर सपाटे पर भेज दिए हैं। सदस्य कहीं दूसरे पाले में न चला जाए लिहाजा उनकी हर सुख सुविधा का ख्याल भी किया जा रहा है। उन्हें अच्छे खानपान के साथ उनके रहने की व्यवस्था भी अच्छे होटल में की गई है।