पीलीभीत। मौसम में बदलाव के साथ ही मच्छरजनित बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं। डेंगू का असर फिलहाल कम है, लेकिन मलेरिया के मरीजों की तादात बढ़ने लगी है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक 30 केस सामने आ चुके हैं। अगस्त और सितंबर माह में अब तक 17 केस मिले हैं। सर्वाधिक केस बीसलपुर और बिलसंडा क्षेत्र से सामने आए हैं। सभी स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर पालिका की टीमें सक्रिय हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के साथ अब मलेरिया के मरीज भी पहुंचने लगे हैं। मंगलवार को ओपीडी में 1200 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें अधिकतर मरीज बुखार के थे। मरीजों की अधिक भीड़ होने से पर्चा काउंटर, दवा वितरण कक्ष व ओपीडी में आपाधापी मची रही। चिकित्सकों के अनुसार मौसम में बदलाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके लिए मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं। विभाग की ओर से चार टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक टीम में सुपरवाइजर की नेतृत्व में तीन सदस्य शामिल हैं।
मच्छर जनित बीमारियों के लक्षण
तेज व अचानक बुखार आना, सरदर्द होना, नाक बहना, थकावट महसूस होना, बेचैनी महसूस होना, त्वचा पर रैसेज हो जाना बीमारियों के लक्षण हैं। समय से लार्वीसाइड्स का छिड़काव किया जाए तो मच्छरों के लार्वा शुरुआत में ही नष्ट हो जाते हैं।
बीसलपुर, बिलसंडा में सर्वाधिक मरीज मिले
जिले में मलेरिया के जनवरी से अब तक बीसलपुर और बिलसंडा क्षेत्र में सात-सात केस सामने आ चुके हैं। इसके अलावा ललौरीखेड़ा, अमरिया और पूरनपुर आदि क्षेत्रों को मिलाकर 30 केस मिले हैं। अगस्त में नौ और सितंबर में अब तक आठ केस निकल चुके हैं।
वर्ष 2018 से फरवरी 2021 तक के आंकड़े
वर्ष मलेरिया डेंगू फाइलेरिया
2018 588 08 119
2019 658 81 74
2020 38 04 26
2021 37 318 07
शहर में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप, नहीं हुई फॉगिंग
बारिश के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। शहर की नालियों में लार्वा पनपने लगा है। नगर पालिका की तरफ से अभी फॉगिंग शुरू नहीं की गई है।
डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विभागीय टीमों को निगरानी के लिए लगाया गया है। कैंप लगाने के साथ अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। - डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
रम्पुरा और ककरुआ में दो बच्चों में डेंगू के लक्षण
पूरनपुर/पीलभीत। कलीनगर तहसील के गांव रम्पुरा फकीरे और माधोटांडा के गांव ककरुआ में दो बच्चों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। रम्पुरा फकीरे में रामपाल का चार वर्षीय पुत्र दीपेश डेंगू से पीड़ित मिला है। एक दिन पहले उसकी जांच जिला मुख्यालय स्थित निजी लैब में कराई गई थी। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को गांव पहुंचकर बीमार लोगों के खून की सैंपलिंग की और दवाई बांटी।
दीपेश को पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा था। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया की जांच में संभावित डेंगू के लक्षण मिले हैं। टीम ने परिवार के अलावा आसपास रहने वाले 80 लोगों की जांच की। वहीं, ककरुआ गांव में तीन साल के बच्चे में डेंगू के लक्षण मिले हैं।
बच्चे का शहर से एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था। सूचना पर अफसरों के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। कैंप लगाकर बच्चे के परिवार के अलावा आसपास रहने वाले करीब 78 लोगों की डेंगू और मलेरिया की जांच की गई और जरूरी दवाएं भी बांटीं। संवाद