सूफी संत हजरत लुत्फुल्लाशाह मियां का यौमे विसाली उर्स शानो शौकत से मनाया गया। सुबह से लेकर शाम तक दरगाह शरीफ पर अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ता रहा।
शहर के मोहल्ला पंजाबियान स्थित दरगाह शरीफ पर बृहस्पतिवार को कुरआन ख्वानी के साथ उर्स का आगाज हुआ। करीब दस बजे फातिहा दिलाई गई। शाम करीब पांच बजे कुल शरीफ की महफिल का आगाज हुआ। दरगाह की पार्टी ने नात मनकबत पेश की। दरगाह प्रबंधक पीरजादा जहीर मियां लुत्फी ने शिजरा पढ़ा और लुत्फुल्लाहशाह वली की शान में तकरीर करते हुए कहा कि सच्चाई के रास्ते पर चलो और अल्लाह के वलियों का दरबार पकड़े रहे, तभी बेड़ा पार होगा। सज्जादानशीन नूर मियां लुत्फी ने वतन व कौम के लिए दुआ फरमाई। उर्स के दौरान सर्व धर्म के लोगों ने पहुंचकर गुलपोशी कर दुआएं मांगीं। लंगर भी तकसीम किया गया। इस मौके पर रफीक मियां लुत्फी, फुजैल मियां, अकील हसन लुत्फी, मंसूरी शम्सी, मौलाना अजरूल हक शम्सी, आफाक शम्सी, मोहम्मद जफर शम्सी, मोहम्मद अतहर शम्सी, डॉ. इसरार अहमद, अकील अहमद, वकील अहमद, मोहम्मद जावेद, इमरान अहमद, अफसान अहमद, हाजी वारिस शम्सी, हाजी अयाज शम्सी, हबीब लुत्फी आदि मौजूद रहे।