पीलीभीत। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोला गया। उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को भी नियुक्त किया गया, लेकिन आठ माह पूर्व उनके अवकाश पर जाने के बाद यहां ताले लटक गए। ऐसे में 40 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है।
बरखेड़ा के गांव अमखेड़ा लखनऊ में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोला गया, साथ ही सीएचओ मनीष राणा की तैनाती की गई। आठ माह पूर्व वह विभागीय छुट्टी लेकर यहां से चले गए। इसके बाद से यहां पर ताले लटके हुए हैं, उनके स्थान पर किसी को नहीं भेजा गया है।
ऐसे में इस क्षेत्र के काजरबोझी, मधपुरी, खजुरिया, मसीत, लखा खास, उमरा खानसिंह, आमडार, लखनऊ कलां, प्रतापडांडी, बर्रामऊ आदि गांवों की 40 हजार से ज्यादा आबादी बरखेड़ा सीएचसी पर जाकर दवा ले रही है। प्रधान के पति व गांव के कुछ लोगों ने इस संबंध में मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी, लेकिन आज तक यहां पर किसी की नियुक्त नहीं हो सकी है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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तीन माह पूर्व सीएमओ को जानकारी दी। आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक यहां पर किसी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में परेशानी हो रही है।
- शाहिद हुसैन, प्रधान के पति।
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दवा लेने के लिए अब बरखेड़ा तक जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी को बताया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
- अखिलेश शर्मा, ग्रामीण
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सीएचओ की तैनाती थी। छुट्टी के बाद से वह अब तक वापस नहीं आए है। इसको लेकर कई बार नोटिस दिया जा चुका है। अब जल्द ही यहां पर नए सीएचओ की नियुक्ति की जाएगी।
- लोकेश गंगवार, प्रभारी चिकित्साधिकारी
बरखेड़ा के गांव अमखेड़ा लखनऊ में बंद पड़ा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर। संवाद
बरखेड़ा के गांव अमखेड़ा लखनऊ में बंद पड़ा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर। संवाद